
लखनऊ, 28 अगस्त (वार्ता) उत्तर प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भाई-बहन के पवित्र प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को पारंपरिक हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की, जबकि भाइयों ने बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार भेंट किए।सुबह से ही घरों में रक्षाबंधन की तैयारियां शुरू हो गई थीं। स्नान आदि के बाद भाई-बहन नए परिधानों में तैयार हुए। बहनों ने भाइयों का तिलक कर आरती उतारी, मिठाई खिलाई और उनकी कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद भाइयों ने बहनों को रक्षा का वचन दिया और उन्हें उपहार प्रदान किए।
रक्षाबंधन को लेकर भोर से ही बहनों का अपने भाइयों के घर और भाइयों का बहनों के यहां पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। कोई कार से तो कोई बाइक, बस और ट्रेन से अपने भाई-बहन के घर पहुंचा। देवबंद नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक मिठाई और राखी की दुकानों पर दिनभर चहल-पहल रही। लोगों ने राखी, मिठाइयों और उपहारों की जमकर खरीदारी की।पर्व को लेकर छोटे बच्चों में भी खासा उत्साह दिखाई दिया। बच्चों ने अपनी बहनों से रक्षासूत्र बंधवाकर रक्षाबंधन मनाया। घर-घर में भाई-बहन के बीच स्नेह और आत्मीयता के दृश्य देखने को मिले। शुभ मुहूर्त में राखी बंधवाने के बाद भाइयों ने बहनों की रक्षा और हर सुख-दुख में साथ देने का संकल्प लिया। बहनों ने भाइयों के दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। इस अवसर पर घरों में खीर, पूड़ी, मालपुआ समेत विभिन्न पारंपरिक पकवान बनाए गए, जिनका परिवार के सदस्यों ने मिलकर आनंद लिया।
पूरे दिन रक्षाबंधन को लेकर उत्सव का माहौल रहा। पर्व ने भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और पारिवारिक आत्मीयता की परंपरा को और मजबूत किया।