
कुशीनगर, 02 सितंबर । नेपाल में आई बाढ़ के बाद गंडक नदी की उफनती धारा में बहकर कुशीनगर पहुंचे अज्ञात शवों की पहचान के लिए पोस्टमार्टम के बाद डीएनए नमूने सुरक्षित किए जा रहे हैं। अब तक जिले में मिले 13 शवों के डीएनए नमूने सुरक्षित किए जा चुके हैं। चेहरे और शवों के साथ मिले कपड़े, आभूषण अथवा अन्य सामान से पहचान नहीं हो पाने के बाद अब डीएनए मिलान से पहचान की उम्मीद है।कुशीनगर के मुख्य चिकित्साधिकारी डा. चंद्र प्रकाश ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद सभी 13 अज्ञात शवों के डीएनए नमूने सुरक्षित कर लिए गए हैं। भविष्य में नेपाल या भारत में किसी व्यक्ति के लापता होने का दावा सामने आने और उसके परिजन का डीएनए नमूना उपलब्ध कराए जाने पर सुरक्षित नमूनों से उसका मिलान कराया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि गंडक नदी में कई घंटे बहने के कारण शवों की स्थिति खराब हो सकती है, जिससे सामान्य तरीके से पहचान करना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में कपड़े, आभूषण या साथ मिले अन्य सामान से भी पहचान की संभावना कम हो जाती है। ऐसे मामलों में डीएनए जांच व्यक्ति की जैविक पहचान स्थापित करने का महत्वपूर्ण वैज्ञानिक आधार बनती है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गंडक नदी के किनारे मिले इन अज्ञात शवों के डीएनए नमूने सुरक्षित रखना इसलिए महत्वपूर्ण है, ताकि भविष्य में लापता लोगों के परिजनों से प्राप्त नमूनों के जरिए उनकी पहचान की जा सके।