
लखनऊ, 2 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में स्थायी कर्मचारियों के साथ ही आउटसोर्स कर्मियों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। नगर निकायों के सफाईकर्मियों से लेकर शासन की विभिन्न व्यवस्थाओं में अलग-अलग स्थानों पर कार्य कर रहे आउटसोर्स कर्मियों के परिश्रम का परिणाम प्रदेश की प्रगति में दिखाई देता है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक कर्मी को उसकी गरिमा के अनुरूप सम्मान मिले।लखनऊ में बुधवार को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकोस) के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीकोस इसी गरिमा और गौरव को स्थापित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सरकार और कर्मचारी का रिश्ता केवल वेतन का नहीं, बल्कि विश्वास का होता है।
योगी ने कहा कि इस विश्वास को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि कर्मचारियों का समय केवल कागजी कार्रवाई में न बीते। कर्मचारी को यह महसूस होना चाहिए कि उसके बेहतर कार्य का रिकॉर्ड रखा जा रहा है और उसकी समस्याओं को सुनने के लिए प्रभावी तंत्र मौजूद है। उसे यह भरोसा होना चाहिए कि वह अकेला नहीं है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक आउटसोर्स कर्मी को समय से वेतन मिले और उसकी मेहनत के अनुरूप मानदेय प्राप्त हो। श्रम का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आउटसोर्स कर्मियों के हितों की सुरक्षा के साथ उनके लिए बेहतर और पारदर्शी व्यवस्था विकसित की जाए।
उन्होंने कहा कि सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने के लिए आर्थिक भेदभाव को भी दूर करना होगा। जब कोई व्यक्ति काम करता है तो उसे उसकी मेहनत का उचित मानदेय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी कर्मी के साथ दुर्घटना होने की स्थिति में उसे सुरक्षा कवच भी मिलना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीकोस के माध्यम से आउटसोर्स कर्मियों के सेवा संबंधी मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर मानव संसाधन प्रबंधन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।