
नयी दिल्ली, 02 सितंबर। रिलायंस जियो ने अपने जियोपीसी को दूसरे टेलीकॉम ऑपरेटर तथा ब्रॉडबैंड प्रोवाइडर के कनेक्शन वाले ग्राहकों के लिए भी खोल दिया है।
कंपनी ने बुधवार को बताया कि जियोपीसी अब इंटरनेट कनेक्शन वाले किसी भी व्यक्ति के लिए एक अलग सब्सक्रिप्शन के तौर पर उपलब्ध है। पहले यह सिर्फ़ जियोहोम ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध था।
अब किसी भी मौजूदा कंप्यूटर या डेस्कटॉप पर जियोपीसी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ही सभी ग्राहकों के लिए क्लाउड-पावर्ड कंप्यूटिंग का रास्ता खुल गया है। इसका सब्सक्रिप्शन मौजूदा डिवाइस में क्लाउड कंप्यूटिंग की ताकत जोड़ता है, जिससे यूज़र्स अपने कंप्यूटर को बदले बिना 16 जीबी तक रैम और एक टीबी स्टोरेज का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सब्स्किप्शन में रैम और स्टोरेज के दो विकल्प दिये गये हैं। आठ जीबी रैम और 500 जीबी स्टोरेज का दो महीने का सबस्क्रिप्शन 1,000 रुपये में पांच महीने का 2,000 रुपये में और 12 महीने का 4,000 रुपये में उपलब्ध होगा।वहीं, 16 जीबी रैम और एक टीबी स्टोरेज का दो महीने का सबस्क्रिप्शन 1,200 रुपये में, पांच महीने का 2,500 रुपये में और 12 महीने का 5,000 रुपये में उपलब्ध होगा।रिलायंस जियो का कहना है कि जियोपीसी खास तौर पर तीन-चार साल पुराने कंप्यूटर के लिए सही है जो धीमे हो गये हैं, जिनमें स्टोरेज खत्म हो गया है या जिनका ऑपरेटिंग सिस्टम पुराना हो गया है। यह यूज़र को नया हार्डवेयर खरीदने या महंगे अपग्रेड पर पैसे खर्च करने से इतर एक विकल्प देता है। यूज़र पांच मिनट से भी कम समय में जियोपीसी को सब्सक्राइब और एक्टिवेट कर सकते हैं। इसमें डेटा स्थानांतरित करने की कोई परेशानी नहीं होगी और न ही कोई नया हार्डवेयर इंस्टॉल करना होगा। कोई डाउनटाइम भी नहीं होता है।कंपनी की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि जियोपीसी यह सुनिश्चित करता है कि पुराने या कमजोर कंप्यूटर की वजह से छात्र पीछे न छूटें। उसने बताया कि क्लाउड-आधारित सेवा होने के नाते जियोपीसी को अच्छे अनुभव के लिए एक स्थिर इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत होती है, जिसमें ब्रॉडबैंड या भरोसेमंद 4जी/5जी शामिल है। जियोपीसी के साथ उपभोक्ता नया कंप्यूटर खरीदे बिना अपने कंप्यूटिंग अनुभव को अपग्रेड कर सकते हैं।