
नयी दिल्ली, 06 सितंबर । दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर पांच मंजिला इमारत ढहने से तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।इस इमारत में कॉलेज के छात्र रह रहे थे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
एम्स ट्रॉमा सेंटर के अनुसार हादसे के बाद सात लोगों को अस्पताल लाया गया, जिनमें से तीन को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एक अन्य घायल को इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।इमारत गिरने के बाद मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने मलबे में 15 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका जताई, हालांकि अधिकारियों ने कहा कि अभी यह संख्या स्पष्ट नहीं है। मौके पर मौजूद एक पुलिस अधिकारी के प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, हादसे के समय इमारत में करीब 40 से 50 लोग मौजूद हो सकते हैं।
बचाव अभियान में दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) और सेंट्रलाइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज (कैट्स) की टीमें शामिल हैं। मौके पर आठ दमकल गाड़ियां और 17 एंबुलेंस तैनात की गईं।पुलिस के अनुसार आज दोपहर करीब एक बजकर 34 मिनट पर साउथ कैंपस थाने को सत्य निकेतन मार्केट में इमारत गिरने की सूचना मिली। पुलिस ने बताया कि स्थानीय जांच में सामने आया है कि यह 40 से 50 वर्ष पुरानी इमारत थी, जिसमें बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं और इसका इस्तेमाल पीजी के तौर पर किया जा रहा था। घटना के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।
पुलिस के मुताबिक, अब तक छह लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा चुका है और बचाव एवं तलाशी अभियान जारी है।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इमारत गिरने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। एक दुकानदार ने बताया कि तेज आवाज सुनकर शुरुआत में लोगों को लगा कि शायद भूकंप आया है। इसके बाद घटनास्थल पर धूल और धुएं का बड़ा गुबार छा गया। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, बचावकर्मियों ने मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला, जिनमें चार बच्चे भी शामिल थे। मलबे के नीचे से मदद के लिए आवाजें सुनाई दे रही थी। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने ढही हुई इमारत की पहचान “हॉस्टल डेज” नाम के लड़कों के पीजी के रूप में की। उसने दावा किया कि पास की एक अन्य संरचना को भी नुकसान पहुंचा है और कमरे के अंदर मौजूद कुछ छात्र मलबे में दब गए।
कैट्स के नोडल अधिकारी बलराज सिंह ने बताया कि पांच लोगों को एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है। उन्होंने कहा कि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार हादसे में 25 से 30 लोग हताहत हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि आपातकालीन राहत एवं बचाव कार्य के लिए 17 एंबुलेंस तैनात की गई हैं।गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी का सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित घनी आबादी वाला इलाका है, जहां बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल और किराये के मकानों में रहते हैं।
बचावकर्मी मलबे और कंक्रीट की परतों को हटाकर लोगों की तलाश में जुटे रहे। अधिकारियों ने कहा कि अभी मलबे में फंसे लोगों की सही संख्या की पुष्टि नहीं हुई है और अभियान का मुख्य उद्देश्य जीवित लोगों को तलाशना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।