इसरो का निजीकरण नहीं होगा, उन्नत अंतरिक्ष मिशनों पर रहेगा मुख्य फोकस

इसरो का निजीकरण नहीं होगा, उन्नत अंतरिक्ष मिशनों पर रहेगा मुख्य फोकस

नयी दिल्ली, 06 सितंबर । भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मीडिया में उसके निजीकरण या अंतरिक्ष क्षेत्र में उसकी भूमिका घटाने से जुड़ी खबरों को पूरी तरह से गलत बताया है।अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधारों और इस क्षेत्र में इसरो की भूमिका के संबंध में मीडिया में आ रही रिपोर्टों पर इसरो ने स्पष्ट किया है कि उसके निजीकरण को लेकर लगाई जा रही अटकलें सही नहीं है और संस्था भारत में उन्नत अंतरिक्ष अनुसंधान, तकनीक विकास, रणनीतिक व राष्ट्रीय मिशन, मानव अंतरिक्ष उड़ान और चंद्र-ग्रह अभियान का मुख्य संगठन बनी रहेगी।

इन रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण देते हुए इसरो ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि वर्ष 2020 के सुधारों और भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023 का उद्देश्य निजी क्षेत्र, स्टार्टअप और अकादमिक संस्थानों की भागीदारी बढ़ाकर अंतरिक्ष क्षेत्र का विस्तार करना है। परिपक्व तकनीकों का बड़े स्तर पर उत्पादन उद्योग और सार्वजनिक उपक्रमों के जरिए होने से इसरो को नई तकनीकों, पुन: उपयोग योग्य प्रक्षेपण प्रणालियों, अंतरिक्ष स्टेशन और चंद्र अभियानों पर अधिक ध्यान देने का मौका मिलेगा।इसरो के अनुसार 2020 के कुछ स्टार्टअप से बढ़कर देश में अब 450 से अधिक अंतरिक्ष स्टार्टअप हैं और अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था करीब 8.4 अरब डॉलर की है, जिसे 2033 तक 44 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है। सरकार महत्वपूर्ण अंतरिक्ष ढांचे और रणनीतिक क्षमताओं का नियंत्रण

अपने हाथ में बनाए रखेगी।

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