
नयी दिल्ली 11 सितम्बर। पश्चिम एशिया में निरंतर बढ़ रहे तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यहां ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुई वार्ता में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं के साथ पश्चिम एशिया के हाल के घटनाक्रम पर चर्चा की।
श्री मोदी ने दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। दोनों नेताओं की दो सप्ताह से भी कम समय में यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले 31 अगस्त को बिश्केक में भी शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के इतर दोनों की मुलाकात हुई थी।प्रधानमंत्री ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद ब्रिक्स से जुड़ी बैठकों में ईरान की नियमित और उच्चस्तरीय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों के बीच लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता की भावना को मजबूत करने में ब्रिक्स सक्षम है। प्रधानमंत्री ने बिजनेस फोरम के नेताओं के सत्र में राष्ट्रपति पेजेश्कियन की भागीदारी के लिए भी उनका आभार जताया।
पश्चिम एशिया के हाल के घटनाक्रम पर दोनों नेताओं ने विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने नौवहन और वाणिज्य की स्वतंत्रता बनाए रखने के साथ नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स समेत बहुपक्षीय संगठनों में साझा हित के मुद्दों पर भारत और ईरान के बीच सहयोग की भी सराहना की।