बैंककर्मियों की देशव्यापी हड़ताल से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में लटके ताले

बैंककर्मियों की देशव्यापी हड़ताल से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में लटके ताले

लखनऊ, 11 सितंबर। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था, भेदभाव रहित पीएलआई योजना लागू करने तथा लंबित मांगों के समर्थन में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंककर्मियों ने गुरुवार को एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की। इस दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं पर ताले लटके रहे।लखनऊ में बैंककर्मियों ने हजरतगंज स्थित इंडियन बैंक के बाहर फोरम के राज्य संयोजक वाई.के. अरोड़ा के नेतृत्व में सभा और प्रदर्शन किया। फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि मांगों को लेकर बैंककर्मी लंबे समय से देशव्यापी प्रदर्शन, काला बैज धारण करने तथा एक्स (ट्विटर) और पोस्टर अभियान चला रहे थे। मांगें पूरी नहीं होने पर बैंककर्मियों ने एक दिवसीय हड़ताल का निर्णय लिया।

सभा को संबोधित करते हुए दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि रिजर्व बैंक, एलआईसी, सेबी और नाबार्ड आदि संस्थानों में पांच कार्य दिवस की व्यवस्था है, तो बैंककर्मियों के साथ नाइंसाफी क्यों की जा रही है। एस.के. संगतानी ने सरकार द्वारा लागू की गई भेदभावपूर्ण पीएलआई योजना को तत्काल स्थगित करने की मांग की। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि जिन बैंकों ने अपने उच्चाधिकारियों को पीएलआई के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान किया है, उसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। वी.के. माथुर और संदीप सिंह ने द्विपक्षीय समझौते से संबंधित लंबित सभी मुद्दों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की। अशोक अग्रवाल और सचिन केशरवानी ने कहा कि बैंककर्मियों को आश्वासन नहीं, बल्कि परिणाम चाहिए।प्रदर्शन में आर.एन. शुक्ला, करुणेश शुक्ला, शकील अहमद, विभाकर कुशवाहा, अभिषेक तिवारी, राकेश पाण्डेय, गौरव चौरसिया, आशुतोष वर्मा, मनीष कांत, तारकेश्वर चौहान, ललित श्रीवास्तव और आकाश शर्मा समेत अन्य बैंक नेता शामिल हुए। स्वाति सिंह, अनुषा दुबे, आनंद सिंह, ईशान श्रीवास्तव, वी.के. श्रीवास्तव, दीपक सिंह, एम.जेड. हसन, शिव कुमार सिंह, बृजेश तिवारी और आशीष विश्वकर्मा समेत अन्य बैंककर्मियों ने कहा कि लंबित मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

सभा में बैंकनेत्रियों प्रियंका, नमिता, शिल्पी, मोनिका, प्रीति वर्मा, मानसी, भारती शर्मा, शिखा और सीमा समेत बड़ी संख्या में महिला बैंककर्मियों ने भी भाग लिया।मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि हड़ताल के दौरान लखनऊ की 905 शाखाओं में करीब 10 हजार बैंककर्मी शामिल रहे। उन्होंने बताया कि 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय तथा अक्टूबर में अनिश्चितकालीन देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है।

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