
सहारनपुर, 11 सितंबर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण मामले में मस्जिद कमेटी को अंतरिम राहत देते हुए 6.41 करोड़ रुपये के हर्जाने की वसूली पर फिलहाल रोक लगा दी है। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी।मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली मोहम्मद तनवीर अहमद एडवोकेट की ओर से नौ सितंबर को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद के स्वामित्व को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह के फैसले तथा जिला जज सत्येंद्र कुमार वाजपेयी के फैसलों को चुनौती दी गई थी।
मामले की सुनवाई एकल पीठ के न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने की। मस्जिद कमेटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद दानिश ने पक्ष रखा। उन्होंने तर्क दिया कि सहारनपुर प्रशासन की कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 227 का उल्लंघन है।गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने पांच सितंबर की सुबह कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया था। कार्रवाई के बाद इसका विभिन्न राजनीतिक एवं मुस्लिम संगठनों की ओर से विरोध किया गया था। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, बसपा अध्यक्ष मायावती, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, सपा सांसद इकरा हसन और हरेंद्र मलिक, पूर्व सांसद फजर्लुरहमान कुरैशी तथा जमीयत के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी एवं मौलाना महमूद मदनी समेत मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से भी कार्रवाई का विरोध किया गया था।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब राज्य सरकार के जवाब और 12 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर मामले की आगे की दिशा तय होगी।