मुस्तफा मस्जिद की तरह मुख्यमंत्री आवास का भी नक्शा मांगेगी कांग्रेस: अजय राय

मुस्तफा मस्जिद की तरह मुख्यमंत्री आवास का भी नक्शा मांगेगी कांग्रेस: अजय राय

मुरादाबाद, 11 सितंबर । उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) की ओर से पाकबड़ा स्थित मुस्तफा मस्जिद को जारी नोटिस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जिस तरह मस्जिद का नक्शा मांगा जा रहा है, उसी तरह कांग्रेस मुख्यमंत्री आवास का नक्शा मांगेगी और उसे जनता के सामने रखेगी।श्री राय ने शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद पाकबड़ा थाना क्षेत्र में दिल्ली रोड स्थित मुस्तफा मस्जिद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि करीब 50 वर्ष पुरानी मस्जिद के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य लोगों को प्रताड़ित करना और सामाजिक तनाव पैदा कर भाईचारा बिगाड़ना है। उन्होंने इस कार्रवाई को सहारनपुर की घटना से जोड़ते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।

गौरतलब है कि एमडीए ने 20 अगस्त को मस्जिद के मुतवल्ली को नोटिस जारी कर अनधिकृत निर्माण के संबंध में 15 दिन के भीतर स्वयं संरचना हटाने अथवा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा था। इसकी समयसीमा तीन सितंबर को समाप्त हो चुकी है। प्राधिकरण के अनुसार मस्जिद का निर्माण करीब 300 वर्गमीटर सरकारी भूमि पर हुआ है और इसके लिए स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत नहीं किया गया है। एमडीए का कहना है कि इससे दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग-09 पर यातायात प्रभावित हो रहा है।एमडीए सूत्रों के मुताबिक मस्जिद के मुतवल्ली पक्ष को जवाब देने का एक और अवसर दिया जाएगा। शुक्रवार को मुरादाबाद पहुंचे श्री राय ने मस्जिद परिसर में नमाज अदा कर रहे अकीदतमंदों और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर बातचीत की। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मुरादाबाद में नोटिस जारी किए जाने का उल्लेख करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने गोरखपुर में श्मशान घाट के नाम पर धन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाती रहेगी।

समाजवादी पार्टी के नीले ड्रेस कोड पर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती की प्रतिक्रिया से जुड़े सवाल पर उन्होंने इसे सपा का आंतरिक विषय बताया। वहीं, एमडीए का कहना है कि कार्रवाई किसी धार्मिक पूर्वाग्रह से संबंधित नहीं है, बल्कि भूमि, स्वीकृत मानचित्र और निर्माण की वैधानिकता से जुड़ा मामला है। अब मस्जिद प्रबंधन के जवाब और उसके बाद की प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर है।

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