
लखनऊ, 15 सितंबर । समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अब लोहिया ट्रस्ट की कमान संभालेंगे। अभी तक ट्रस्ट की जिम्मेदारी उनके चाचा और पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव के पास थी। शिवपाल से जिम्मेदारी लिए जाने के बाद इस फैसले को लेकर सियासत तेज हो गई है।योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें शिवपाल यादव पर भरोसा नहीं है। श्री राजभर ने कहा कि शिवपाल पहले अखिलेश से अलग होकर अपनी पार्टी बना चुके हैं और उस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर कई आरोप लगाए थे। ऐसे में अखिलेश का शिवपाल पर भरोसा नहीं करना स्वाभाविक है। इसी वजह से उन्होंने लोहिया ट्रस्ट की जिम्मेदारी खुद संभाल ली है।
वहीं, योगी सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने भी फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की जिम्मेदारी शिवपाल से अखिलेश के पास जाने से कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, क्योंकि इसकी कमान अब भी परिवार के ही हाथों में है। उन्होंने कहा कि किसी संस्था की जिम्मेदारी परिवार तक सीमित रहना लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं कही जा सकती।शिवपाल और अखिलेश के राजनीतिक रिश्तों में लंबे समय से उतार-चढ़ाव रहा है। दोनों के बीच मतभेद के बाद शिवपाल ने अलग पार्टी बनाई थी, हालांकि बाद में वह फिर सपा में लौट आए। लोहिया ट्रस्ट की कमान मिलने के बाद अखिलेश यादव के पास अब समाजवादी पार्टी के साथ लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की भी जिम्मेदारी है। लोहिया ट्रस्ट का गठन समाजवादी पार्टी से पहले हुआ था और इसका उद्देश्य डॉ. राम मनोहर लोहिया की समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाना रहा है।