
वाशिंगटन, 16 सितंबर। अमेरिका के राष्ट्रपति भवन को पिछले वर्ष प्रभावित करने वाला ‘एपस्टीन फाइल्स’ विवाद एक बार फिर अमेरिकी राजनीति में गरमाने की कगार पर है। रिपब्लिकन प्रतिनिधि थॉमस मैसी को ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट II’ पर प्रतिनिधि सभा में दोबारा मतदान के लिए दबाव बनाने के लिए आवश्यक समर्थन से केवल एक रिपब्लिकन सांसद के हस्ताक्षर चाहिए।केन्टकी सांसद श्री मैसी और दक्षिण कैरोलिना की रिपब्लिकन सांसद नैन्सी मेस अपने नए प्रस्तावित कानून पर एक और रिपब्लिकन का समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। इस याचिका पर सोमवार को दक्षिण कैरोलिना से सेवानिवृत्त हो रहे सांसद राल्फ नॉर्मन ने हस्ताक्षर कर दिए और अब श्री मैसी और मेस चौथे रिपब्लिकन सांसद का हस्ताक्षर पाने के लिए सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों और कमजोर निर्वाचन क्षेत्रों के सदस्यों से संपर्क साध रहे हैं।कोलोराडो की प्रतिनिधि लॉरेन बोएबर्ट ने कहा है कि वह दोबारा हस्ताक्षर करने पर विचार कर रही हैं और श्री मैसी से बातचीत कर रही हैं। उन्होंने पिछले वर्ष राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पार्टी नेतृत्व की अवहेलना करते हुए श्री मैसी की पहली याचिका का समर्थन किया था। मौजूदा कोशिशों से प्रशासन के लिए फिर से राजनीतिक मुश्किलें खड़ी होने की संभावना जताई जा रही हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष की याचिका को सदन में मतदान के लिए आवश्यक 218 हस्ताक्षर मिल गए थे, जिसके बाद संबंधित विधेयक लगभग सर्वसम्मति से पारित हुआ था।प्रस्तावित ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट II’ न्याय विभाग के लिए अतिरिक्त रिकॉर्ड जारी करना और प्रकटीकरण की शर्तों को बढ़ाना अनिवार्य बनाएगा। श्री मैसी ने अपने बयान में कहा कि न्याय विभाग गैर-कानूनी रूप से 30 लाख से अधिक एपस्टीन फाइलों को रोके हुए है और जारी की जा रही फाइलों में बड़े पैमाने पर कांट-छांट की जा रही है।हालांकि, इस पहल के सामने समय का संकट है। प्रतिनिधि सभा का सत्र गुरूवार से स्थगित हो रहा है और यह नवंबर के मध्यवर्ती चुनावों के बाद ही पुनः शुरू होगा। श्री मैसी को यदि इस सप्ताह आवश्यक समर्थन मिल भी जाता है, तो इस विषय पर सदन में मतदान चुनाव के बाद ही हो पाएगा। इसके अलावा, याचिका को 218 की कुल संख्या तक पहुंचाने के लिए डेमोक्रेटिक सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होगी, हालांकि डेमोक्रेटिक नेतृत्व अपने सदस्यों को हस्ताक्षर करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।श्री मैसी ने प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन पर प्रक्रिया को कठिन बनाने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि श्री जॉनसन ने सितंबर के काम के दिनों में कटौती की है ताकि उन्हें समर्थन जुटाने के लिए पर्याप्त समय न मिल सके। दूसरी ओर, श्री जॉनसन ने इन आरोपों को खारिज किया है।