
नयी दिल्ली, 16 सितम्बर। युवराज सिंह का मानना है कि 2027 वनडे विश्व कप में सफलता हासिल करने के लिए भारत को अभी से अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम तय कर लेनी चाहिए और उसी समूह के साथ लगातार आगे बढ़ना चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को पर्याप्त तैयारी का समय मिल सके। 2011 विश्व कप विजेता टीम के अहम सदस्य रहे युवराज ने चेतावनी दी कि आख़िरी समय में बड़े बदलाव भारत को पहले भी नुकसान पहुंचा चुके हैं।युवराज ने क्रिकइंफो से कहा, “उन्हें अगले एक साल में उसी टीम को तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि आप आख़िरी समय में बड़े बदलाव नहीं करना चाहेंगे। खिलाड़ी 16 साल का हो या 20 साल का, यह ज़रूरी है कि सभी को पर्याप्त मैच खेलने का मौका मिले। अब 50 ओवर का क्रिकेट कम और टी 20 ज़्यादा खेला जाता है, इसलिए जो भी वनडे मैच मिलें, उनमें खिलाड़ियों को विश्व कप की तैयारी के लिए पर्याप्त गेम टाइम मिलना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “भारत जब-जब बड़े टूर्नामेंटों में पिछड़ा है, तब अक्सर आख़िरी समय में या टूर्नामेंट के दौरान बड़े बदलाव किए गए हैं। इसलिए ज़रूरी है कि हम उस टीम पर भरोसा करें, जिसे हम 2027 विश्व कप जीतने में सक्षम मानते हैं, और फिर उसके साथ खड़े रहें, चाहे खिलाड़ी सफल हों या असफल। टीम पर विश्वास बहुत महत्वपूर्ण है।”
भारत की विश्व कप तैयारियों की शुरुआत 27 सितंबर से वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ घरेलू वनडे सीरीज़ से होगी। चयनकर्ताओं के सामने कई सवाल हैं, जिनमें रोहित शर्मा का अंतरराष्ट्रीय भविष्य सबसे बड़ा मुद्दा है। दक्षिण अफ़्रीका में होने वाले विश्व कप को देखते हुए तेज़ गेंदबाज़ी ऑलराउंडरों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे हार्दिक पंड्या का नाम चर्चा में है।
भारत लंबे समय से अपनी टीम में ऑलराउंडरों को प्राथमिकता देता रहा है, क्योंकि वे बल्लेबाज़ी में गहराई प्रदान करते हैं। हालांकि युवराज का मानना है कि टीम चयन का आधार केवल ऑलराउंडर होना नहीं, बल्कि मैच जिताने की क्षमता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हर देश के पास अलग तरह के खिलाड़ी होते हैं। कुछ टीमों के पास ज़्यादा ऑलराउंडर होते हैं, जबकि कुछ के पास विशेषज्ञ बल्लेबाज़ और गेंदबाज़। आपको सर्वश्रेष्ठ संयोजन चुनना होता है। सर्वश्रेष्ठ संयोजन हमेशा 12, 13 या 14 खिलाड़ियों का समूह होगा और 15वां खिलाड़ी परिस्थितियों के अनुसार चुना जाएगा। चाहे आपको अतिरिक्त स्पिनर खिलाना हो, तेज़ गेंदबाज़ या ऑलराउंडर, आपको सर्वश्रेष्ठ विकल्प चुनना होगा। आपको अपने उन शीर्ष 11 मैच-विनर्स के साथ उतरना चाहिए, जिन पर आपको भरोसा हो कि वे मैच जिता सकते हैं।”
युवराज ने ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देते हुए कहा, “ऑस्ट्रेलिया इसलिए सफल रहा है क्योंकि उनकी विश्व कप विजेता टीमों में कई मैच-विनर रहे हैं, जो अकेले दम पर मैच का रुख बदल सकते थे। किसी दिन एक खिलाड़ी मैच जिता देता है और जब टीम मुश्किल में होती है तो सभी मिलकर जीत दिलाते हैं।”
उन्होंने भारत को पिछले दो टी20 विश्व कप अभियानों से भी सीख लेने की सलाह दी। भारत 2024 और 2026 में लगातार दो पुरुष टी20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बना था।
युवराज ने कहा, “हमने पिछले दो टी20 विश्व कप में यही किया है। हम 2023 वनडे विश्व कप का फ़ाइनल भी खेले थे। सफ़ेद गेंद के क्रिकेट में हमने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। टीम को पहले सेमीफ़ाइनल में पहुंचने और फिर अंतिम दो नॉकआउट मुकाबलों की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए। अभी विश्व कप दूर है, इसलिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक ऐसा समूह तैयार किया जाए जो हर परिस्थिति में लड़ने के लिए तैयार हो।”
हाल ही में युवराज को कनाडा सुपर 60 लीग का ब्रैंड एंबेसेडर बनाया गया है। छह टीमों की पुरुष और तीन टीमों की महिला प्रतियोगिता 29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक वैंकूवर में खेली जाएगी। युवराज ने कहा, “कनाडा सुपर 60 बेहद रोमांचक टूर्नामेंट है। यह टी20 से भी तेज़ प्रारूप है। वहां बड़ी संख्या में पंजाबी समुदाय रहता है और उन्हें दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को लाइव देखने का मौका मिलेगा। मैं उनसे अपील करूंगा कि वे स्थानीय लोगों को भी क्रिकेट देखने के लिए मैदान पर लाएं।”
“कई माता-पिता अपने बच्चों को क्रिकेट खेलने के लिए भारत भेजने की बात करते हैं। मुझे लगता है कि ऐसी लीग उनके लिए शानदार मंच साबित हो सकती हैं। मैं क्रिकेट को दुनिया के उन हिस्सों में लोकप्रिय बनाना चाहता हूं, जहां यह अभी उतना लोकप्रिय नहीं है।” भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ ज़हीर ख़ान भी इस टूर्नामेंट की एक टीम वैंकूवर एंकर्स के सह-मालिक हैं।