
नयी दिल्ली, 16 सितंबर । भारत पहले ही 2-0 से सीरीज़ जीत चुका है। अब गुरुवार को अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाले तीसरे और आखिरी टी 20 मैच में भारत अपनी बेंच स्ट्रेंथ को आज़माने और टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रहे खिलाड़ियों को परखने के मौके के तौर पर इसका इस्तेमाल कर सकता है।भारत ने सीरीज़ के दोनों मैच सात विकेट से जीते हैं और अब वे 3-0 से क्लीन स्वीप करने की कोशिश करेंगे। सीरीज़ का नतीजा तय हो चुका है, इसलिए आखिरी मैच टीम मैनेजमेंट को स्क्वाड में बदलाव करने और उन खिलाड़ियों को ज़्यादा खेलने का मौका देने का अवसर दे सकता है जो अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं।
भारत के नियमित खिलाड़ियों ने सीरीज़ में पहले ही ज़बरदस्त छाप छोड़ी है। अभिषेक शर्मा ने पहले टी 20 में 32 गेंदों पर 82 रन बनाए और दूसरे मैच में 19 गेंदों पर 39 रन बनाए, जबकि संजू सैमसन ने दूसरे मैच में 22 गेंदों पर तूफानी 57 रन बनाकर वापसी की।सैमसन और अभिषेक ने दूसरे मैच में ओपनिंग विकेट के लिए 88 रन जोड़े, जिसके बाद ईशान किशन ने नाबाद 38 रन बनाकर मैच जिताया। भारत ने अफ़गानिस्तान के 8 विकेट पर 159 रन के स्कोर को सिर्फ़ 14.5 ओवर में हासिल कर लिया।
गेंदबाज़ी विभाग ने भी लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। नीतीश कुमार रेड्डी ने दूसरे टी 20 में 24 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि अर्शदीप सिंह ने पहले मैच में तीन विकेट लिए। जसप्रीत बुमराह ने भी भारत को शुरुआती सफलताएँ दिलाई हैं।
टॉप-ऑर्डर और मुख्य गेंदबाज़ों के अच्छा प्रदर्शन करने के बाद, आखिरी मैच में भारत अलग-अलग कॉम्बिनेशन आज़मा सकता है और भविष्य के मैचों से पहले नए खिलाड़ियों को ज़रूरी अनुभव दे सकता है।
हालाँकि, अफ़गानिस्तान के लिए अभी भी मैच का नतीजा मायने रखता है। वे सीरीज़ में अपनी पहली जीत हासिल करने और भारत को क्लीन स्वीप करने से रोकने की कोशिश करेंगे।
अफ़गानिस्तान की बल्लेबाज़ी भारत के हमले का सामना करने में संघर्ष करती दिखी है, हालाँकि मोहम्मद नबी और राशिद खान ने कुछ हद तक टक्कर दी है। अगर मेहमान टीम आखिरी मैच में मेज़बान टीम को चुनौती देना चाहती है, तो उन्हें बल्ले और गेंद दोनों से ज़्यादा लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। तीसरा टी 20 मैच 17 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा। टॉस शाम 7 बजे होगा और मैच भारतीय समयानुसार शाम 7.30 बजे शुरू होगा।
भारत के लिए यह मुकाबला सिर्फ़ सीरीज़ में 3-0 की बढ़त बनाने का मौका ही नहीं है, बल्कि इससे टीम को अपनी मुख्य पसंद वाले खिलाड़ियों के अलावा अन्य खिलाड़ियों को परखने और उनकी क्षमता जानने का भी मौका मिल सकता है। वहीं, अफ़गानिस्तान की टीम जीत के साथ सीरीज़ का समापन करने के लिए पूरी तरह तैयार होगी।