
नागोया, 17 सितंबर । रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप का खिताब जीतने के बाद, मौजूदा चैंपियन भारत शुक्रवार को एशियाई खेलों में अपने अभियान की शुरुआत मेजबान जापान के खिलाफ महिला क्वार्टर फाइनल मैच से करेगा। इस मैच में सेमीफाइनल में जगह बनाना दांव पर लगा होगा।
पिछले हफ्ते दुबई में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम काफी आत्मविश्वास के साथ नागोया पहुंची है, लेकिन एशियाई खेलों के फॉर्मेट में खराब दिन की कोई गुंजाइश नहीं है। महिला प्रतियोगिता में आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं और इसकी शुरुआत सीधे क्वार्टर फाइनल से हो रही है, यानी इसमें कोई ग्रुप स्टेज नहीं है और एक हार से ही टीम का सफर खत्म हो जाएगा।
एशिया कप में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं शेफाली वर्मा भारत के लिए अहम खिलाड़ी साबित हो सकती हैं। यह ओपनर पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में थीं और उन्होंने भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई। वहीं, स्मृति मंधाना एशिया कप में उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के बाद अपनी लय वापस पाने की कोशिश करेंगी। भारत की नज़रें कप्तान हरमनप्रीत कौर पर भी होंगी, जिनका दुबई में प्रदर्शन तो औसत रहा था, लेकिन उनके पास हाई-प्रेशर मैचों का काफी अनुभव है।गेंदबाजी में कई विकल्प मौजूद हैं; ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा के श्री चरणी के साथ स्पिन विभाग की कमान संभालने की उम्मीद है। यह बाएं हाथ की स्पिनर एशिया कप में भारत की बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक थीं और उन्होंने अपने 30वें मैच में ही 50 टी 20 विकेट पूरे किए।भारत के पास तेज गेंदबाजी के लिए नंदिनी शर्मा, रेणुका ठाकुर और क्रांति गौड़ जैसे विकल्प हैं, जबकि राधा यादव और श्रेयंका पाटिल स्पिन विभाग को मजबूती देती हैं। पाटिल टखने की चोट से उबरने के बाद टीम में लौटी हैं।ऋचा घोष बल्लेबाजी को और मजबूती देती हैं और मिडिल व लोअर ऑर्डर में पारी की गति बदल सकती हैं। भारत को उम्मीद होगी कि उनके ओपनर मिडिल ऑर्डर के लिए एक मजबूत मंच तैयार करेंगे ताकि वे पारी के बाद के हिस्से में आक्रामक खेल दिखा सकें।हालांकि, जापान घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेगा। महिला टी20 रैंकिंग में 39वें स्थान पर मौजूद मेजबान टीम एशियाई खेलों में तीसरी बार क्रिकेट खेलेगी। जापान ने इस साल सात टी20 मैच खेले हैं, जिनमें से चार जीते और तीन हारे हैं; टीम की कप्तानी माई यानागिडा करेंगी। एशियाई खेलों में महिला क्रिकेट में जापान का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2010 में आया, जब उन्होंने कांस्य पदक जीता।
अनुभव और हालिया फॉर्म से भरपूर भारतीय टीम के खिलाफ, जापान को भारत के विविध गेंदबाजी आक्रमण और आक्रामक शीर्ष क्रम के बीच रास्ता तलाशते हुए नॉकआउट गेम के दबाव को संभालने की आवश्यकता होगी।टीमें: भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कमलिनी (विकेटकीपर), श्रेयंका पाटिल, भारती फुलमाली, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, राधा यादव, नंदनी शर्मा।
जापान: माई यानागिडा (कप्तान), एरिका ओडा (उप-कप्तान), अहिल्या चंदेल, अयुमी फुजिकावा, हिनासे गोटो, हारुना इवासाकी, अकारी निशिमुरा (विकेटकीपर), शिमाको काटो, अयाका काटो-स्टैफोर्ड, एलेना कुसुदा-नायरन, नोनोहा यासुमोतो, मेग ओगावा, कुरुमी ओटा, सेइका सुमी, एरिका तोगुची-क्विन