
नयी दिल्ली, 21 सितंबर। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कई जानी-मानी हस्तियों के नाम उन मतदाताओं की सूची में शामिल हैं जिन्हें चुनाव अधिकारियों ने नोटिस जारी किए हैं।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कई नाम जानी मानी हस्तियों को एसआईआर का नोटिस जारी किया गया है। इनमें ज्यादातर मामले ऐसे हैं जहां मौजूदा मतदाता रिकॉर्ड को साल 2002 में हुई पिछली एसआईआर की मतदाता सूची से लिंक नहीं किया जा सका या विवरण में विसंगति मिली।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने 18 सितंबर को एसआईआर के तहत करीब 33.1 लाख ऐसे मतदाताओं की मतदान केंद्र-वार सूची जारी की, जिन्हें नोटिस भेजे गए हैं। यह संख्या दिल्ली की मसौदा मतदाता सूची में शामिल करीब 97.5 लाख मतदाताओं के एक-तिहाई से अधिक है।विदेश मंत्री जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको जयशंकर को नोटिस मिला है। दोनों के रिकॉर्ड को “अनमैप्ड विद लास्ट एसआईआर” श्रेणी में रखा गया है। श्री केजरीवाल और उनके परिवार के कुछ सदस्यों के नाम पिछले एसआईआर से मैप नहीं हो पाए। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़ को भी नोटिस मिला है। उनके मतदाता रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी को पिछली एसआईआर की मतदाता सूची से जोड़ने में विसंगति सामने आई।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 20 सितंबर को कहा कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं में से दो श्रेणियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। पहली श्रेणी में वे मतदाता हैं जिनका रिकॉर्ड पिछली गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से लिंक नहीं हो पाया। दूसरी श्रेणी में वे मतदाता हैं जिनके लिंकिंग विवरण में तार्किक विसंगतियां मिली हैं। आयोग ने कहा कि ये सिस्टम से तैयार नोटिस हैं और इनका मक़सद डेटा को ठीक करना है। नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।आयोग के अनुसार जिन मतदाताओं का नाम या विवरण पिछली एसआईआर सूची से मेल नहीं हुआ है, उन्हें अपनी पात्रता साबित करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 12 दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। वहीं, ‘तार्किक विसंगति’ की श्रेणी में आने वाले मतदाताओं को अपनी मौजूदा जानकारी का सत्यापन कराना होगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज विवरण का सत्यापन करना और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना है।
आयोग के कार्यक्रम के अनुसार इन मामलों का सत्यापन 29 अक्टूबर तक पूरा किया जाना है। इसके बाद चार नवंबर को दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नोटिस पाने वाले मतदाताओं के दस्तावेजों और विवरणों की जांच संबंधित निर्वाचन अधिकारियों द्वारा की जाएगी।