
एंटीगुआ, 25 सितंबर। वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी का मानना है कि भारत के खिलाफ वनडे सीरीज जीतकर दो दशकों का सूखा समाप्त करने और टीम को परखने का मौका हैं।सैमी ने कहा, “भारत में सीरीज जीते हुए हमें 24 साल हो गए हैं। इसलिए एक टीम के तौर पर सवंय को चुनौती देने और यह परखने का एक शानदार मौका है कि वनडे में हम कहां खड़े हैं। यह हमारे खिलाड़ियों के लिए भी शानदार मौक़ा है कि वे भारत के ख़िलाफ़ अच्छा प्रदर्शन करें और सीरीज़ जीतने की कोशिश करें, जो हमने 24 साल से नहीं किया है।”
वेस्टइंडीज अगले साल की शुरुआत में वनडे विश्व कप क्वालिफ़ायर खेलेगा, क्योंकि वह टूर्नामेंट के लिए सीधे क्वालिफ़ाई करने में नाकाम रहा है। ऐसे में तिरुवनंतपुरम से शुरू होने वाली तीन मैचों की यह सीरीज़ सैमी की नज़र में टीम की तैयारियों का अहम हिस्सा भी है।उन्होंने कहा, “अगर आपको कोई बड़ा आईसीसी टूर्नामेंट खासकर सीमित ओवर प्रारुप में जीतना है, तो आपको भारत को हराना होगा। हम यहां उनके घर में, उनकी परिस्थितियों में उनके खिलाफ खेल रहे हैं। यहां अच्छा प्रदर्शन करना और जीतना, हमें इस बात का अच्छा अंदाज़ा देगा कि एक टीम के तौर पर हम क्या कर सकते हैं और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में हम कितने सक्षम हैं। हमारा लक्ष्य है कि टीम को लगातार बेहतर करना होगा, ताकि जब हम क्वालिफ़ायर में जाएं तो दक्षिण अफ्रीका के लिए अपना टिकट पक्का करने की स्थिति में हों।”
क्वालिफाई के सवाल पर उन्होंने कहा, “हक़ीकत यह है कि हम क्वालिफ़ाई नहीं कर पाए हैं। लेकिन अगर हम पीछे मुड़कर देखें कि हम कहां थे और वनडे टीम के तौर पर हमने क्या हासिल किया है, तो हमने काफ़ी प्रगति की है। सीधे क्वालिफ़ाई करने से हम छह अंक से चूक गए। जहां से हमने शुरुआत की थी, तब हम 19 या 20 अंक पीछे थे और वहां से इतने अंक हासिल करना, मेरे ख़याल से हमने काफ़ी प्रगति की है। अब सिर्फ़ “शे होप ही अकेले शतक नहीं बना रहे हैं, बल्कि अलग-अलग खिलाड़ियों ने शतक बनाए हैं। आमिर जंगू ने जिस तरह खेला है और हमने शरफ़ेन [रदरफ़ोर्ड] की भी झलक देखी है। अल्ज़ारी जोसेफ़ फिर से अच्छी गेंदबाज़ी कर रहे हैं और उन्होंने अभी-अभी एंटीगा को सीपीएल खिताब जिताने में मदद की है। मुझे लगता है कि 2024-25 में हम इसी तरह के फ़ॉर्म की तलाश कर रहे थे। इसलिए हम इन तीन मैचों में सभी को मौका देना चाहते हैं।”सैमी, कलाईयों के स्पिनर विटेल लॉस के उभरने से भी ख़ुश हैं। 19 वर्षीय लॉस ने जुलाई में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ अपना वनडे डेब्यू किया था और पांच मैचों में आठ विकेट लिए थे।
सैमी ने कहा, “विटेल मेरे लिए एक खोज़ हैं। वह हमारी बनाई योजनाओं और प्रक्रियाओं का हिस्सा हैं और इसलिए हमने उन्हें न्यूज़ीलैंड में डेब्यू कराया। आपने मुझे कई सालों से वेस्टइंडीज़ टीम में एक कलाई के स्पिनर की जरूरत के बारे में बात करते हुए सुना होगा। अब विटेल आए हैं और उन्होंने तुरंत हमारी गेंदबाज़ी इकाई पर असर डाला है। अभी उन्हें लंबा रास्ता तय करना है, लेकिन हम उन्हें मैच खिलाकर, उनके विकास पर काम जारी रखेंगे। उन्होंने यहां इस दौरे पर निकिता मिलर और रवि रामपॉल के साथ बहुत अच्छी तरह काम किया है। इसलिए हम उनके लिए ऐसे मौक़े पैदा करते रहेंगे और उम्मीद है कि वह आगे भी बेहतर होते रहेंगे। उन्हें थोड़ा तेज़ी से आगे बढ़ाया गया है, लेकिन अब तक उन्होंने जो किया है, उससे हम ख़ुश हैं।”