
कुशीनगर 29 सितम्बर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कुशीनगर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार कवच बन कर उनके साथ खड़ी है।योगी ने सर्वप्रथम बंधा कटान स्थल का हवाई सर्वेक्षण किया जबकि बाद में सड़क मार्ग से वह प्रभावित क्षेत्र के ग्राम जवही दयाल के पंचायत भवन /राहत शिविर में पहुंचे1 उन्होने बाढ़ पीड़ितों का कुशल क्षेम पूछा तथा संचालित राहत व बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया । इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने राहत सामग्री वितरण स्थल पर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित नागरिकों से संवाद किया और उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का विश्वास दिलाया।
एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत चार दिनों से प्रदेश, देश के विभिन्न हिस्सों तथा नेपाल में हुई मूसलाधार बारिश के चलते गंडक नदी ( नारायणी नदी) का जलप्रवाह सामान्य 3 से 4 लाख क्यूसेक से बढ़कर अचानक 5.5 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इस अप्रत्याशित जलप्रवाह के दबाव से तटबंध क्षतिग्रस्त हुए और कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रत्येक पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को तत्काल चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। पूरी तरह नष्ट हुए मकानों के पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नया पक्का आवास उपलब्ध कराया जाएगा। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत हेतु भी नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि धान , गन्ना व सब्जी की फसलों को हुए नुकसान का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को 15 दिन के अंदर प्रभावित स्थलों का तत्काल पारदर्शी सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त किसानों को राहत राशि अंतरित करने में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाढ़ का पानी घटने के साथ ही जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिये प्रभावित क्षेत्रों में आगामी 5-6 दिनों तक नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।योगी ने कहा कि सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी/सीएचसी) पर एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सिचाई विभाग को क्षतिग्रस्त तटबंधों की तात्कालिक मरम्मत के साथ-साथ भविष्य की सुरक्षा के दृष्टिगत उन्हें अत्याधुनिक तकनीक से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। नारायणी नदी के दीर्घकालिक समाधान हेतु जल शक्ति मंत्री एवं प्रमुख सचिव (सिंचाई) को नदी की व्यापक ड्रेजिंग एवं चैनलाइजेशन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिससे नदी की गहराई बढ़े, जलप्रवाह सुगम हो और गाद (सिल्ट) का समुचित उपयोग हो सके ।
मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि मौसम के साफ होने के साथ ही स्थिति तेजी से सामान्य होगी और शासन-प्रशासन का पूरा तंत्र अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के लिए धरातल पर सक्रिय रहेगा।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने सोमवार रात में ही उक्त बंधे की कटान के सम्बंध में जानकारी होने पर तत्काल मंडलायुक्त एवं एडिजी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल मौके पर उपस्थित हो कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिए थे। जिसके क्रम में उक्त सभी प्रसाशनिक अधिकारियों द्वारा तत्काल मौके पर पहुंच कर प्रभावी कार्यवाही एवं आवश्यक व्यवस्थाये सुनिश्चित की गई।
इस अवसर पर सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, क्षेत्रीय सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, सांसद विजय कुमार दुबे, विधायक डॉ. असीम कुमार राय, विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, विधायक पी.एन. पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, राजेश्वर सिंह, प्रमुख सचिव सिंचाई, आयुक्त गोरखपुर मंडल गोरखपुर इंद्र विक्रम सिंह, एडिजी रामकुमार, जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी गण सहित अन्य जन प्रतिनिधि गण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।