
कानपुर 29 सितम्बर । कानपुर के जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर ने मंगलवार को अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा किउद्यमियों-व्यापारियों की समस्याओं के निस्तारण में देरी पर जवाबदेही तय की जायेगी।
श्री तंवर की अध्यक्षता में यहां जिला उद्योग बंधु एवं जिला व्यापार बंधु की बैठक आयोजित हुई। जिलाधिकारी ने उद्यमियों एवं व्यापारियों की लंबित समस्याओं की विभागवार समीक्षा करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निस्तारण आख्या समय से उपलब्ध न कराने वाले विभागाध्यक्षों की जवाबदेही तय की जाएगी।जिलाधिकारी ने अपर नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि नगर निगम को हस्तांतरित जिन औद्योगिक क्षेत्रों में टैक्स की वसूली की जा रही है, वहां सुसंगत शासनादेशों द्वारा निर्धारित वसूले गए टैक्स का 60 प्रतिशत उसी औद्योगिक क्षेत्र के विकास कार्यों पर खर्च किया जाए। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं को बेहतर किया जा सकेगा।
व्यापार मंडलों एवं उद्यमी संगठनों से प्राप्त समस्याओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक प्रकरण की संबंधित विभाग नियमित समीक्षा करें। समस्या के निस्तारण के बाद निस्तारण आख्या के साथ कराए गए कार्य के फोटोग्राफ भी नोडल विभाग को उपलब्ध कराए जाएं। इसमें देरी होने पर संबंधित विभागाध्यक्ष की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।उन्होंने व्यापारिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, विद्युत, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और जल निकासी से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता से दूर कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी समस्या के समाधान में विभागीय समन्वय की आवश्यकता हो तो अधिकारी अगली बैठक की प्रतीक्षा न करें। प्रकरण तत्काल उनके संज्ञान में लाया जाए, ताकि समय रहते समाधान कराया जा सके।
जिलाधिकारी ने उपायुक्त (प्रशासन) को निर्देशित किया कि नगर निगम से संबंधित 10 लाख रुपये से अधिक लागत वाले कार्यों के सभी प्रकरणों को एक साथ संकलित कर नगर आयुक्त को संज्ञानित किया जाये जिससे उन पर शीघ्र कार्रवाई हो सके।जिलाधिकारी ने उद्यमियों एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों से कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए वे किसी भी कार्यालय दिवस में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक जनता दर्शन में सीधे उनसे मिल सकते हैं। प्रशासन का प्रयास जिले में व्यापार एवं औद्योगिक गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।
बैठक में आईआईए ने दादा नगर से विजय नगर जाने वाली सड़क के क्षतिग्रस्त होने का मुद्दा उठाया। बताया गया कि जल निगम एवं मेट्रो के कार्यों के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को दोनों विभागों से समन्वय कर आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए।पीआईए ने पनकी तिराहा साइट -1 में पैचवर्क न होने और यूपीसीडा द्वारा कराए गए पैचवर्क की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को संबंधित कार्यों की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव जे. जैन, उपायुक्त उद्योग, उपायुक्त (प्रशासन) राज्य कर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी तथा व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।