
चंडीगढ़, 29 सितंबर । अमेरिका की खुफिया जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफ़बीआई) ने कथित गैंगस्टर सतिंदर सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को अपने 10 वांछित भगोड़ों की सूची में शामिल कर उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाले शख्स के लिए 10 लाख डॉलर का इनाम घोषित किया है।
एफबीआई के सन् 1950 में अस्तित्व में आने के बाद से बराड़ इस सूची में जगह पाने वाला 543वां व्यक्ति है। वह ठग-व्यापार का षड्यंत्र रचने, वसूली के जरिए व्यापार को बाधित करने और प्रतिबंधित ड्रग्स का व्यापार करने जैसे मामलों में वांछित है।एफबीआई के लॉस एंजिलस फील्ड कार्यालय के प्रभारी सहायक निदेशक पैट्रिक ग्रैंडी ने कहा कि उसे गिरफ्तार करना एफबीआई तथा उसके सहयोगियों की जिम्मेदारी है। श्री ग्रैंडी ने कहा कि एफबीआई ने बराड़ की गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 10 लाख डॉलर के इनाम की पेशकश की है। एफबीआई के 10 वांछित अपराधियों की सूची में उसका नाम शामिल होने से दुनियाभर में उसकी तस्वीर और जानकारी फैल जाएगी।
एफबीआई ने कहा कि बराड़ अमेरिका में रहता है। वह लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का अमेरिकी मुखिया हो सकता है। अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार, यह गिरोह हत्याओं, गोलीबारी की घटनाओ, अपहरण, फिरौती तथा हथियारों एवं नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल रहा है। अमेरिकी अभियोजकों ने बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में 2023 में हुई सिख राजनेता एवं धर्मगुरु हरदीप सिंह निज्जर (एच.एस.एन.) की हत्या के लिए भी जिम्मेदार ठहराया है।जांचकर्ताओं का यह भी आरोप है कि इस गिरोह ने मार्च 2024 और जुलाई 2025 के बीच ग्रेटर लॉस एंजिलस इलाके में ड्रग तस्करी करने वाले विरोधी समूहों से लगभग 520 किलोग्राम कोकीन चुराई थी।बराड़ पर लगे आरोप ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ का हिस्सा हैं। यह भारत में मौजूद अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध समूहों के खिलाफ़ कई सालों से चल रही अमेरिकी फ़ेडरल जांच है। अमेरिकी अधिकारियों ने जुलाई में ऐसे तीन समूहों से जुड़े 37 आरोपियों पर आरोप तय किए थे। उस समय 24 आरोपियों को गिरफ़्तार किया जा चुका था या वे पहले से ही हिरासत में थे।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, बराड़ और बिश्नोई गिरोह के अन्य कथित नेताओं ने भारतीय मूल के लोगों समेत कई पीड़ितों से जबरन वसूली के लिए हिंसा और धमकियों का इस्तेमाल किया। अभियोजकों का यह भी आरोप है कि यह संगठन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशीले पदार्थों की तस्करी और प्रतिद्वंद्वी गिरोहों से ड्रग्स की खेप चुराकर अपने कामकाज के लिए पैसे जुटाता था।रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस की डिप्टी कमिश्नर लिसा मोरलैंड ने कहा, “गोल्डी बराड़ और उसके नेटवर्क ने हाई-प्रोफ़ाइल हत्याओं, गोलीबारी, जान से मारने की धमकियों, जबरन वसूली, आगजनी और ड्रग्स की तस्करी के ज़रिए अनगिनत लोगों की ज़िंदगी बर्बाद कर दी है।”
उन्होंने कहा, “एफबीआई की ’10 वांछित भगोड़ों’ की सूची में उसका नाम शामिल होना उसे पकड़ने के सामूहिक संकल्प को दिखाता है।”
एफबीआई ने बताया कि बराड़ कैलिफ़ोर्निया और कनाडा के अलग-अलग हिस्सों में रह चुका है और लोगों को चेतावनी दी कि वे उसके पास न जाएं। बराड़ कई आपराधिक मामलों में भारतीय अधिकारियों को भी वांछित है। भारतीय जांचकर्ताओं ने उसे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जोड़ा है, जिस पर पंजाब और भारत के अन्य हिस्सों में कई हत्याओं और जबरन वसूली के मामलों में शामिल होने का आरोप है।