
दोहा, 29 सितंबर। कतर ने कहा है कि उसके समेत अन्य क्षेत्रीय देशों पर ईरानी हमलों के बावजूद वह अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थता में सक्रिय रूप से जुटा हुआ है। दोहा का उद्देश्य तनाव को और बढ़ने से रोकना और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करना है।
विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस वार्ता में मंगलवार को प्रधानमंत्री के सलाहकार और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने कहा कि कतर दोनों पक्षों से मुलाकात कर रहा है, संदेशों का आदान-प्रदान कर रहा है और किसी संभावित समझौते के लिए साझा आधार तलाशने के उद्देश्य से प्रस्तावों पर चर्चा कर रहा है।
श्री अल अंसारी ने कहा, “हम पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे हैं और एक साझा आधार स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं, ताकि ऐसे समझौते तक पहुंचा जा सके जो हम सभी को इस संघर्ष के दुष्प्रभावों से बचा सके।” उन्होंने कहा कि कूटनीतिक प्रयास जारी हैं और कतर यथासंभव लंबे समय तक अपनी मध्यस्थता जारी रखने का इरादा रखता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कतर, खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के अन्य सदस्य देश, इराक और जॉर्डन ने ईरान, अमेरिका-इजरायल से जुड़े इस व्यापक संघर्ष का हिस्सा बनना खुद नहीं चुना है।
उन्होंने इस विचार को खारिज कर दिया कि पड़ोसी देशों पर ईरान के हमले एक अलग संघर्ष हैं, जिसके लिए अलग समाधान की आवश्यकता है। उन्होंने तर्क दिया कि क्षेत्रीय देशों को इस व्यापक टकराव में घसीटा गया है।
श्री अल अंसारी ने कहा कि ईरान को पड़ोसी देशों को इस संघर्ष से बाहर रखने और उनके प्रति गैर-आक्रामकता की नीति अपनाने का स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मिसाइल हमलों के बावजूद खाड़ी देश ईरान के साथ बातचीत और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के प्रयासों का लगातार समर्थन करते रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारा ध्यान फिलहाल मतभेदों को कम करने और एक ऐसा समाधान खोजने पर है, जो हमें होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से पूरी तरह से नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने की अनुमति दे।”
श्री अल अंसारी ने यह चेतावनी भी दी कि खाड़ी में लंबा खींचता यह संघर्ष इस क्षेत्र से कहीं आगे तक गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है।
यह पूछे जाने पर कि कतर और अन्य खाड़ी अर्थव्यवस्थाएं इस संघर्ष के आर्थिक प्रभाव को कब तक सहन कर सकती हैं, उन्होंने कहा कि इससे भी अधिक महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इस व्यवधान को कब तक झेल सकती है। उन्होंने ऊर्जा के साथ-साथ यूरिया, अमोनिया, हीलियम, पेट्रोकेमिकल्स और एल्युमीनियम जैसे औद्योगिक एवंं कृषि घटकों की वैश्विक आपूर्ति के लिए खाड़ी क्षेत्र के महत्व का जिक्र किया। उन्होंने इस बात पर अटकलें लगाने से इनकार कर दिया कि क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ एक और हमला कर सकता है, लेकिन कहा कि कतर फिर से बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित है।
श्री अल अंसारी ने कहा, “शांतिपूर्ण समाधान तक न पहुंचने के परिणाम हम सभी के लिए कठिनाई लेकर आयेंगे। हम यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं कि ऐसा न हो।”