भारत की 2027 वर्ल्ड कप तैयारियों को पुख़्ता करने के साथ सीरीज़ जीत पर नज़र

भारत की 2027 वर्ल्ड कप तैयारियों को पुख़्ता करने के साथ सीरीज़ जीत पर नज़र

गुवाहाटी, 29 सितंबर। तिरुवनंतपुरम में विराट जीत के बाद भारतीय टीम अब गुवाहाटी पहुंच गई है। मैदान और माहौल में बड़ा बदलाव ज़रूर है, लेकिन दोनों टीमों के लक्ष्य बहुत ज़्यादा नहीं बदले हैं। सबसे पहले तो दोनों ही टीमें जीतना चाहेंगी। भारत की नज़र सीरीज़ अपने नाम करने पर होगी, जबकि वेस्टइंडीज़ सीरीज़ में बने रहना चाहेगा।भारत की अगली प्राथमिकता 2027 वर्ल्ड कप के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ 15 सदस्यीय टीम तय करने की दिशा में एक और क़दम आगे बढ़ाने पर है। इस सीरीज़ की शुरुआत भारत ने तीन ऑलराउंडरों और सिर्फ़ तीन विशेषज्ञ गेंदबाज़ों के दिलचस्प संयोजन के साथ की थी और गुवाहाटी में भी इसी संयोजन को जारी रखने की उम्मीद है। क्या नीतीश कुमार रेड्डी नई गेंद से गेंदबाज़ी करते रहेंगे? लगातार दूसरे वनडे में नमन धीर की ऑफ़ब्रेक गेंदबाज़ी देखने को मिलेगी? और एशियन गेम्स में अक्षर पटेल की ग़ैरमौजूदगी के बीच क्या रवींद्र जडेजा वर्ल्ड कप की टीम में अपनी जगह के लिए मज़बूत दावा पेश कर पाएंगे?

तो वहीं वेस्टइंडीज़ के सामने फ़रवरी-मार्च में होने वाला वर्ल्ड कप क्वालिफ़ायर की चुनौती है, जिसके लिए उन्हें अपनी तैयारी करनी है। ऐसे में टीम तिरुवनंतपुरम में दिखी अच्छी चीज़ों को आगे बढ़ाना चाहेगी और सीरीज़ के बाक़ी मैचों में हर विभाग में बेहतर और संतुलित प्रदर्शन करना चाहेगी। पहले वनडे में उसकी बल्लेबाज़ी ने काफ़ी उम्मीद जगाई थी, जिसे एक बार फिर वे दोहराना चाहेंगे। गेंदबाज़ी में विकेट लेने की क्षमता बढ़ाना भी उनकी बड़ी ज़रूरत होगी। इसके लिए टीम अपनी बल्लेबाज़ी की गहराई से थोड़ा समझौता करके शमार जोसेफ़ या लेफ़्ट-आर्म रिस्ट स्पिनर विटेल लेविस में से किसी एक को टीम में शामिल करने पर विचार कर सकती है।

भारत के लिए पांचवें गेंदबाज़ की चिंतानीतीश कुमार रेड्डी ने पहले वनडे की शुरुआत 17 रन के ओवर से की थी। उन्होंने कई बार गेंद ज़रूरत से ज़्यादा आगे डाली और जस्टिन ग्रीव्स ने उनके ओवर में चार चौके जड़ दिए। यह मैच का दूसरा ओवर था और भारत ने पावरप्ले में इसके बाद उन्हें दोबारा गेंद नहीं दी। हालांकि, बाद में उन्होंने वापसी की और अपने आख़िरी चार ओवरों में काफ़ी अच्छी गेंदबाज़ी की। पारी के आख़िरी ओवर में उन्होंने सिर्फ़ सात रन दिए और एक विकेट भी हासिल किया।

हार्दिक पंड्या की फ़िटनेस को लेकर सवाल बने हुए हैं, ऐसे में 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी के दौरान रेड्डी भारत के लिए अहम खिलाड़ी बन जाते हैं। हाल के महीनों में उन्होंने अपनी रफ़्तार में भी इज़ाफ़ा किया है और भारत चाहेगा कि उनकी गेंदबाज़ी लगातार बेहतर होती जाए, ताकि उन्हें सभी फॉर्मेट में वर्ल्ड-क्लास सीम गेंदबाज़ी ऑलराउंडर के तौर पर तैयार किया जा सके।पहले वनडे में पांचवें गेंदबाज़ का भार नीतीश रेड्डी और नमन धीर के कंधों पर था। इन दोनों के 10 ओवर मिला दिए जाए तो 78 रन आए थे। नीतीश ने पांच ओवर में 45 रन दिए थे, जबकि नमन धीर ने पांच ओवर में 33 रन ख़र्च किए थे। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि गुवाहाटी में क्या टीम मैनेजमेंट इन्हीं दोनों पर भरोसा करती है या फिर नमन धीर की जगह बाहर बैठे मोहम्मद सिराज या आक़िब नबी में से किसी एक की तरफ़ जाएगी। हालांकि कोच गौतम गंभीर बल्लेबाज़ी में गहराई चाहते हैं इसलिए नंबर-8 पर उन्होंने नमन धीर को तरजीह दी थी, अगर सिराज या नबी की तरफ़ गए तो फिर बल्लेबाज़ी में गहराई से समझौता करना पड़ेगा।

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