
तेल अवीव, 02 अक्टूबर। इजरायल के अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि 174 लोगों को लेकर तेल अवीव जा रहे विमान को हादसे का शिकार बनाने की कोशिश करने वाला फ्लाईदुबई के सह-पायलट को किसी तीसरे पक्ष ने भेजा था या फिर यह उसकी अपनी कोशिश थी।इसकी जानकारी देते प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने संकल्प जताया कि यदि उसे किसी तीसरे पक्ष ने भेजा था, तो वे “बहुत भारी कीमत चुकायेंगे।”
दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान के सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार को चाकू मार दिया था और विमान को क्रैश करने की कोशिश की थी, लेकिन घायल कैप्टन किसी तरह दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्रियों के एक समूह ने सह-पायलट को काबू में कर लिया।श्री नेतन्याहू ने कहा, “समय बीतने के साथ तस्वीर साफ हो रही है। हमलावर इस्लामी कट्टरपंथ का शिकार हुआ था। वह यात्रियों के साथ विमान क्रैश करने आया था।”
उन्होंने कहा, “हम जांच कर रहे हैं कि क्या उसे भेजा गया था और जिसने भी उसे भेजा है, वह बहुत भारी कीमत चुकायेगा।”मामले की जांच से जुड़े सूत्र के अनुसार, दुबई से तेल अवीव जा रही वाणिज्यिक यात्री उड़ान को क्रैश करने की कोशिश करने वाले सह-पायलट से इजरायली अधिकारियों के पूछताछ किये जाने की संभावना है।
‘टाइम्स ऑफ इजरायल’ की रिपोर्ट के अनुसार, सह-पायलट को गुरुवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) स्थानांतरित कर दिया गया था, जहां इजरायली अधिकारी उससे पूछताछ कर सकते हैं।सूत्र ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इसमें इजरायल की कौन-सी एजेंसी शामिल होगी।
इजरायली अधिकारी ने बताया कि यूएई अधिकारियों नेतृत्व वाली जांच में उनके इंटेलीजेंस अधिकारी भाग लेंगे। वे घटनाक्रम का सच सामने लाने और संदिग्ध के मकसद एवं पृष्ठभूमि की जांच करने का प्रयास करेंगे। यूएई के विदेश मंत्रालय ने इजरायली अधिकारियों के सह-पायलट से पूछताछ किये जाने के संबंध में टिप्पणी की मांग का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी ने गुरुवार को रिपोर्ट दी है कि अधिकारियों ने घटना की परिस्थितियों और मकसदों को स्थापित करने के लिए जांच शुरू कर दी है, ताकि यह तय किया जा सके कि क्या यह आतंकवादी गतिविधि से जुड़ा था, इसमें कोई पूर्व योजना शामिल थी या इसे दूसरों ने निर्देशित किया था। यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद के सलाहकार अनवर गार्गश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में फ्लाईदुबई की उड़ान को क्रैश करने की इस कोशिश को “आतंकवादी कृत्य” करार दिया।