
नयी दिल्ली, 07 अक्टूबर । विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के सांसद एसआईआर मुद्दे पर संसद से निर्वाचन सदन तक आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च और धरने के एक दिन बाद बुधवार को यहां दोपहर के भोजन पर मिले, जिसमें ‘वोट चोरी’ के खिलाफ मिलकर आंदोलन जारी रखने का फैसला किया गया।कांग्रेस अध्यक्ष तथा राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से आयोजित इस दोपहर भोज में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ’ब्रायन और राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा समेत इंडिया गठबंधन के कई अन्य सांसद शामिल हुए। भोजन के बाद वहीं से सभी नेता जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए रवाना हो गये।
इससे पहले श्री खरगे ने कहा था कि आज जंतर-मंतर पर इंडिया गठबंधन के सभी साथी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। वहां धरना दिया जायेगा और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं ऐसे धरना प्रदर्शन जारी रहेंगे। उन्होंने कहा “जनता की बात पूरे देश में पहुंचाना हमारा काम है। जनता को बताया जायेगा कि उनका हक जा रहा है। उस हक की हिफाजत के लिए हम प्रयास कर रहे हैं। हम डरने वाले नहीं हैं लड़ते रहेंगे और आगे बढ़ते रहेंगे। चुनाव आयोग जो भी कर रहा है, उसके पीछे नरेंद्र मोदी हैं। मतलब मोदी जी खुद लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। हम सभी पार्टी के लोग मिलकर देश के लोगों को बताना चाहते हैं कि उनका अधिकार छीना जा रहा है। जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हमारे ऊपर कितने भी केस कर दिए जाएं, हम डरने और रुकने वाले नहीं हैं।”श्री गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद मंगलवार को तीनों निर्वाचन आयुक्तों से मिलना चाहते थे लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया और दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने कहा कि भोजन के बाद सभी सांसद जंतर-मंतर जाकर धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि इन धरना प्रदर्शन के माध्यम से देश को बताया जायेगा कि ज्ञानेश कुमार देश के वैध मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश को बताया जायेगा कि ज्ञानेश कुमार उनके लिए हमारे लिए वैधानिक मुख्य आयुक्त नहीं हैं। ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा तो देना ही होगा। जिन्होंने लोगों के वोट के अधिकार को छीना है वे देशद्रोही हैं।
प्राथमिकी दर्ज होने संबंधी सवाल पर लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा “अब तक मेरे विरुद्ध 45 प्राथमिकी दर्ज हैं। मेरा लक्ष्य 100 का है। मैं चाहता हूं कि मेरे खिलाफ 100 एफआईआर हो। मेरे लिए हर प्राथमिकी एक पदक की तरह है।”कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि श्री गांधी के खिलाफ हजारों प्राथमिकी दर्ज की जायें उन्हें इसकी चिंता नहीं है बल्कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि वे देश के लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि विपक्षी इंडिया गठबंधन के सभी नेता एकजुट हैं और बिना किसी रागद्वेष के एक साथ खड़े हैं और उनका संघर्ष जारी रहेगा। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी कहा कि प्राथमिकी से डरने वाले नहीं हैं और लोकतंत्र तथा संविधान बचाने की उनकी लड़ाई जारी रहेगी।समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर रहमान बर्क ने कहा कि जब भी विपक्षी दल संवैधानिक तरीके से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हैं, चाहे सांसद हों, विधायक हों या आम लोग, उन्हें हिरासत में लिया जाता है।