
नयी दिल्ली, 08 अक्टूबर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वायु सेना दिवस पर भारतीय वायु सेना के कर्मियों के साहस और प्रतिबद्धता को सलाम किया। उन्होंने कहा कि देश को अपने “एयर वॉरियर्स” और भारत के आसमान की सुरक्षा में उनकी समर्पित भूमिका पर गर्व है।श्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक संदेश में कहा, “भारत को अपने वायु सैनिकों पर गर्व है। वायु सेना दिवस पर, हम अपने आसमान की सुरक्षा के लिए उनके साहस और प्रतिबद्धता को सलाम करते हैं!”वायु सेना दिवस हर साल आठ अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन 1932 में भारतीय वायु सेना की स्थापना की याद में और इसके कर्मियों की सेवा, बलिदान और पेशेवर रवैये के सम्मान में मनाया जाता है। इस मौके पर कई कार्यक्रम और हवाई शो आयोजित किए जाते हैं, जिनमें वायु सेना की परिचालन क्षमताएं दिखाई जाती हैं। साथ ही, सेवारत कर्मियों, पूर्व सैनिकों और ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वालों को श्रद्धांजलि भी दी जाती है।
प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारतीय वायु सेना देश की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था का एक अहम स्तंभ बनी हुई है। इसकी जिम्मेदारियां देश के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा से कहीं आगे तक फैली हुई हैं, जिनमें हवाई श्रेष्ठता बनाए रखना, रणनीतिक एयरलिफ्ट, निगरानी, मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान शामिल हैं।ब्रिटिश काल में 1932 में ‘रॉयल इंडियन एयर फ़ोर्स’ के तौर पर स्थापित इस बल ने आज़ादी के बाद अपना मौजूदा नाम अपनाया और तब से यह एक आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत सैन्य विमानन बल के रूप में विकसित हुआ है। इसकी क्षमताओं में लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट प्लेटफ़ॉर्म, हेलीकॉप्टर, मानवरहित सिस्टम और अत्याधुनिक एयर-डिफेंस व निगरानी उपकरण शामिल हैं।
वायु सेना दिवस उन कर्मियों के बलिदान को याद करने का भी मौका है जिन्होंने देश की सेवा में अपनी जान गंवाई है। सेवारत अधिकारी और हवाई योद्धाओं, पूर्व सैनिक और उनके परिवार पारंपरिक रूप से ऐसे कार्यक्रमों के लिए एक साथ आते हैं जो बल की परिचालन तैयारी, पेशेवर रवैये और तकनीकी क्षमताओं को उजागर करते हैं।श्री मोदी के संदेश ने राष्ट्रीय सुरक्षा में भारत के सशस्त्र बलों के योगदान को मान्यता देने और देश के आसमान की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करने पर सरकार के ज़ोर को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री की ओर से यह सम्मान ऐसे दिन दिया गया जब देश भारतीय वायु सेना को न केवल उसकी युद्ध-संबंधी भूमिका के लिए, बल्कि मानवीय सहायता, आपदा राहत और देश की सेवा में अन्य मिशनों में उसके निरंतर योगदान के लिए भी सम्मानित करता है।