जीबीसी 5.0 में 7,000 परियोजनाओं से 7.55 लाख करोड़ का निवेश प्रस्तावित

जीबीसी 5.0 में 7,000 परियोजनाओं से 7.55 लाख करोड़ का निवेश प्रस्तावित

लखनऊ, 08 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) 5.0 की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक में समारोह की तैयारियों और प्रस्तावित निवेश परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।बैठक में बताया गया कि जीबीसी 5.0 के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में करीब 7,000 परियोजनाओं के जरिए 7.55 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं से संबंधित स्वीकृतियां, भूमि, आधारभूत सुविधाओं और अन्य प्रक्रियाएं समयबद्ध ढंग से पूरी कराई जाएं, ताकि निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए। उन्होंने निवेशकों के साथ नियमित संवाद रखते हुए उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने को भी कहा।

इन्वेस्ट यूपी की ओर से बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित परियोजनाओं में विभागों के माध्यम से करीब 3,500 परियोजनाएं, जिलों के स्तर पर निवेश सारथी पोर्टल से जुड़ी 3,500 से अधिक परियोजनाएं तथा इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से 100 से अधिक बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। क्षेत्रवार देखें तो पश्चिमांचल में करीब 4.75 लाख करोड़ रुपये, पूर्वांचल में 1.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक, मध्यांचल में 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक और बुंदेलखंड में 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हैं।इनमें 1,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली करीब 90 बड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं। इन परियोजनाओं में लगभग 4.75 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। क्षेत्रवार निवेश के साथ-साथ विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में भी बड़ी परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। डेटा सेंटर क्षेत्र में करीब 1.80 लाख करोड़ रुपये, ऊर्जा क्षेत्र में 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक और रियल एस्टेट में 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हैं।

विनिर्माण क्षेत्र में करीब 2.75 लाख करोड़ रुपये और बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं।सेक्टरवार प्रमुख निवेश प्रस्तावों में डेटा सेंटर, ऊर्जा, रियल एस्टेट, बुनियादी ढांचा, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, इस्पात एवं सीमेंट, फार्मा एवं रसायन, वस्त्र एवं परिधान, ऑटोमोबाइल तथा पर्यटन क्षेत्र शामिल हैं।

बैठक में जीबीसी के पहले से चौथे संस्करण तक की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जीबीसी-1 से जीबीसी-4 के माध्यम से 16 हजार से अधिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया, जिनमें 8 हजार से अधिक परियोजनाएं वाणिज्यिक संचालन में आ चुकी हैं, जबकि 8 हजार से अधिक परियोजनाएं क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी केवल निवेश परियोजनाओं की शुरुआत का अवसर नहीं, बल्कि रोजगार, उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने जीबीसी@5.0 में शामिल परियोजनाओं की तैयारियों और आवश्यक अनुमतियों की विभागवार निगरानी के निर्देश दिए।

निवेशकों को मिलने वाले वित्तीय प्रोत्साहनों के भुगतान की समीक्षा करते हुए श्री योगी ने कहा कि स्वीकृत प्रोत्साहन राशि के लिए निवेशकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। पात्र निवेशकों को निर्धारित समयसीमा में प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में निवेश प्रोत्साहन के लिए स्वीकृत बजट, अब तक किए गए भुगतान तथा आगामी अवधि में होने वाले वितरण की भी समीक्षा की गई।            बैठक में प्रदेश के विभिन्न एक्सप्रेसवे पर हाल में हुई सड़क दुर्घटनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने दुर्घटनाओं पर दु:ख व्यक्त करते हुए इनके कारणों की तकनीकी और व्यावहारिक समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने ब्लैक स्पॉट की पहचान, तेज गति वाले वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण, कोहरे के दौरान दृश्यता प्रबंधन तथा सुरक्षा कैमरों और रडार के जरिए निगरानी मजबूत करने को कहा।

उन्होंने टोल प्लाजा पर वाहनों की फिटनेस और चालकों की सतर्कता की जांच को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। यूपीडा, परिवहन विभाग और पुलिस को समन्वित सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से एक्सप्रेसवे के आसपास ट्रॉमा सेंटर विकसित करने की कार्ययोजना पर काम करने को भी कहा गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Designed and Developed by Prakhar Dixit