अयोध्या से चुनाव लड़ कर दिखायें मुख्यमंत्री : अखिलेश

अयोध्या से चुनाव लड़ कर दिखायें मुख्यमंत्री : अखिलेश

अयोध्या 08 अक्टूबर । समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिये बगैर उन्हे चुनौती देते हुये कहा कि बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री यदि इतने आश्वस्त हैं तो खुद अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिये सपा के प्रत्याशी घोषित होने के बाद भाजप लगातार सर्वे करा रही है लेकिन उसको अयोध्या में प्रत्याशी तक नहीं मिल रहा है।पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के पैतृक गांव कृष्णापुर खानपुर रसूलाबाद में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने अयोध्या पहुंचे सपा प्रमुख ने कहा कि इस बार अयोध्या ही नहीं, पूरे देश की जनता धर्म और धन चुराने वालों को बख्शेगी नहीं। उन्होंने कहा कि 15 दिन में दूध का दूध और पानी का पानी करने का दावा करने वालों के लिए अयोध्या का मैदान खाली पड़ा है।             अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार बनने पर अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकास की गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर जिन अयोध्यावासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है, उनके साथ भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा। जिन लोगों को जमीन की उचित कीमत नहीं मिली है, उनके हितों का ध्यान रखा जाएगा और किसी का घर नहीं उजाड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या के विकास का पूरा लाभ अयोध्या के लोगों को मिलना चाहिए, बाहर से आने वालों को नहीं।

उन्होंने माताओं-बहनों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सपा सरकार बनने पर समाजवादी पेंशन की तर्ज पर हर साल 40 हजार रुपये देने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि नौ साल में जनता को क्या मिला, इसका हिसाब भी अयोध्या की जनता लेगी।अखिलेश ने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज और शासन व्यवस्था को भी दिशा देने वाली है। सत्ता में बैठे लोगों और अधिकारियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुदर्शन चक्र सज्जनों की रक्षा के लिए है, उन्हें डराने के लिए नहीं। शक्ति का इस्तेमाल सदुपयोग के लिए होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भागवत कथा अधिकार से अधिक अपनत्व, दया और समानता का संदेश देती है। आज समाज में जाति, भेदभाव, ऊंच-नीच और वैमनस्य के बंधन दिखाई दे रहे हैं। ऐसे समय में भागवत कथा की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि जब तक हर व्यक्ति को बराबरी का सम्मान और प्रेम नहीं मिलेगा, तब तक प्रेमराज केवल जुमला बनकर रह जाएगा।अखिलेश यादव के राममंदिर नहीं जाने को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले संकल्प लिया था कि इटावा में बन रहे केदारेश्वर धाम का निर्माण पूरा होने के बाद ही रामलला के दर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि संकल्प बार-बार नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के लोगों और पवन पांडेय से एक तारीख निकलवाने को कहेंगे और सभी लोग मिलकर रामलला के दर्शन करने जाएंगे।

पूर्व मंत्री पवन पांडेय की ओर से कृष्णापुर खानपुर रसूलाबाद में 2 से 8 अक्टूबर तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। अंतिम दिन अखिलेश यादव कथा में शामिल हुए। आयोजन स्थल पर करीब पांच हजार श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की गई थी। अयोध्या विधानसभा के अलावा बीकापुर और गोसाईगंज क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा में संत-महंतों के साथ भाजपा, सपा और बसपा से जुड़े नेता भी शामिल हुए। इस दौरान पवन पांडेय ने अखिलेश यादव को त्रिशूल भेंट किया और ‘सीताराम’ लिखा गमछा पहनाकर स्वागत किया। सपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें गदा भी भेंट की। 9 अक्टूबर को विशाल भंडारे का आयोजन होगा।

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