
लखनऊ, 08 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करने के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुये कहा कि अब नियुक्तियों पर किसी परिवार का कब्जा नहीं, सिर्फ पसीने और प्रतिभा का अधिकार है।लोक भवन सभागार में उत्तर प्रदेश पुलिस में कुशल खिलाड़ी कोटे के अंतर्गत चयनित 470 खेल प्रतिभाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुये योगी ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों, खेलों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का उल्लेख किया। समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुये उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में युवाओं की नौकरी पर एक परिवार का कब्जा था और नौकरी पाने के लिए ‘सैफई या सिफारिश’ की जरूरत पड़ती थी, जबकि आज नियुक्ति में न किसी की सिफारिश चलती है और न पैसा। आज सिर्फ खिलाड़ी की प्रतिभा, परिश्रम और पसीने की कीमत मिल रही है। “पहले प्रदेश डुबाओ एलायंस’’ था और अब एनडीए की सरकार है। एनडीए का मतलब है- “नौकरी देंगे एलायंस।” अब नौकरी पर केवल पसीने और प्रतिभा का कब्जा है। जिन खिलाड़ियों ने अपने परिश्रम से अपनी प्रतिभा साबित की, उन्हें उसी आधार पर नियुक्ति मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में युवाओं के सामने पहचान का संकट था और उनकी नौकरियों पर डकैती डाली जाती थी। खिलाड़ी मैदान में पसीना बहाता था। उसके पास सिफारिश कराने का समय नहीं था। इसी कारण उसे नौकरी नहीं मिल पाती थी। वर्ष 2017 से पहले समाजवादी पार्टी की सरकार के समय बड़ी संख्या में अराजक तत्वों को संरक्षण मिला। सपा ने प्रदेश में 10 लाख गुंडे पाले थे। वे बेटियों की सुरक्षा के लिए खतरा बनते थे। दंगे-अराजकता फैलाते, गरीबों की जमीनों पर कब्जा करते थे। इसके विपरीत हमारी सरकार ने 10 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देकर उत्तर प्रदेश को नई पहचान देने का काम किया है।उन्होने कहा कि जब समाजवादी पार्टी युवाओं की नियुक्ति की बात करती है तो हंसी आती है। लगता है जैसे कोई पानी में तैरता मगरमच्छ शांति का उपदेश दे रहा हो। ऐसे मगरमच्छों से सावधान रहना होगा। आप खूब खेलिए, खूब पसीना बहाइए, नए रिकॉर्ड बनाइए। नौकरी की चिंता मत करिए, हमने ऐसी पॉलिसी बना दी है कि नौकरी आपको जरूर मिलेगी। कोई भी आपका प्रमोशन नहीं टाल सकता और ऐसा करेगा तो हम उसको ही टाल देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को शराब व सपा से सावधान रहना चाहिए। ये दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं, दोनों ने प्रदेश को बर्बाद किया था। सरकार की खेल नीति का उद्देश्य अच्छे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना और उन्हें सम्मान व अवसर देना है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में खनन, भर्ती, रिवर फ्रंट समेत विभिन्न घोटालों की चर्चा होती थी, जबकि आज प्रदेश में मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, हर कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट, वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज और खिलाड़ियों के मेडल्स की चर्चा होती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने केवल चुनाव जीतने के रिकॉर्ड नहीं बनाए, बल्कि मेडल जीतने के रिकॉर्ड भी बनाए हैं। एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा 107 मेडल जीतने का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे अब तक का सर्वोच्च रिकॉर्ड बताया और खिलाड़ियों से नए रिकॉर्ड बनाने का आह्वान किया।इस अवसर पर खेल राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि ढाई गुना से अधिक बढ़ाई है। खेल नीति-2023 लागू करने के साथ आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए एकलव्य क्रीड़ा कोष बनाया गया। प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने का निर्णय हुआ है। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण पूरा हो चुका है और इसका लोकार्पण होना है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक 950 कुशल खिलाड़ियों की भर्ती हो चुकी है। निरीक्षक और दलनायक पद पर 14, उपनिरीक्षक और प्लाटून कमांडर पद पर 59 तथा मुख्य आरक्षी पद पर 440 आउट ऑफ टर्न पदोन्नतियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि खेल से मिला अनुशासन और दबाव में निर्णय लेने की क्षमता पुलिस सेवा में उपयोगी होगी।