
लखनऊ 08 अक्टूबर । केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को आघात पहुंचाने का आरोप लगाते हुये कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा जिस तरह से आयोग के बचाव में उछल कूद कर रही है उससे यह साफ जाहिर हो गया है कि बेईमानी से चुनाव जीतने के तिकड़म में दोनों की मिली भगत है।श्री तिवारी ने गुरुवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि मोदी सरकार देश में लोकतांत्रिक मूल्यों पर आघात पहुंचाने के साथ अर्थ व्यवस्था को और तबाही की ओर लगातार ढकेल रही है। लोकतंत्र और संविधान में जनता के अधिकार को बचाने के लिए राहुल गांधी व प्रियंका गांधी विपक्षी सांसदों के साथ चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग उठा रहे हैं। उन्होंने सवाल दागा कि आयोग पर विपक्ष के सवाल से भाजपा के प्रवक्ता आखिर क्यों बेचैन हैं।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी के साथ सरकार ने राजनैतिक प्रतिशोध में बर्बरता और नृशंसता तथा गंदे ढ़ग से अराजनैतिक आचरण की सीमा इंतहा कर दी। उन्होंने कहा कि 13 करोड़ मतदाताओं के जबरिया नाम काट दिये गये और इतने गम्भीर मुद्दे पर विपक्ष आवाज न उठाये तो वह क्या करे।उन्होंने कहा कि डरी और सहमी सरकार लोगों के वोट के अधिकार से खिलवाड़ कर रही है। संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस और विपक्ष मोदी सरकार के हर जुल्म को भी सहने को तैयार है। उन्होंने आरबीआई द्वारा रेपोरेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी को भी मोदी सरकार के द्वारा अर्थव्यवस्था की तबाही का एक और काला अध्याय कहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के इस फैसले से रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि आरबीआई के द्वारा रेपोरेट की बढ़ोत्तरी के चलते मेक इन इण्डिया तथा उद्योग संचालन एवं कारोबारी के क्षेत्र में आर्थिक स्थिति और खराब होगी। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि रूपये का डालर के मुकाबले दो दिनों से टूटना भी अर्थव्यवस्था की लडखड़ाहट का प्रतीक है।