वनडे में 500 रन का स्कोर मुमकिन हो सकता है: ब्रावो

वनडे में 500 रन का स्कोर मुमकिन हो सकता है: ब्रावो

नयी दिल्ली, 08 अक्टूबर । वेस्टइंडीज के दिग्गज खिलाड़ी ड्वेन ब्रावो का मानना है कि बल्लेबाजी का स्तर तेजी से बदल रहा है इसे देखते हुए भविष्य में वनडे में 500 रन का स्कोर एक हकीकत बन सकता है। उन्होंने कहा कि बदलते खेल के साथ तालमेल बिठाने के लिए गेंदबाजों को अपने कौशल में बहुत सुधार करना होगा और नए तरीके अपनाने होंगे।’वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स’ के दौरान वेस्टइंडीज के ही एक और दिग्गज क्रिस गेल के साथ बात करते हुए ब्रावो ने कहा कि आज के बल्लेबाजों के निडर अंदाज ने स्कोरिंग के स्तर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है और गेंदबाजों के लिए लगातार खुद को ढालना जरूरी बना दिया है।

ब्रावो ने ‘क्रिकेटआआआ’ के साथ बातचीत में कहा, “बल्लेबाजों की कौशल में बहुत सुधार हुआ है। अब गेंदबाजों को भी सुधार करना होगा और नए तरीके अपनाने होंगे। उन्हें वर्ल्ड क्रिकेट में हो रहे बदलावों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए अपने कौशल को बेहतर बनाना होगा।”बुधवार को अपना 43वां जन्मदिन मनाने वाले ब्रावो ने कहा, “मेरा दौर गुजर चुका है और खेल बदल रहा है। खेल की रफ़्तार तेज हो रही है, और यह अच्छी बात है। लेकिन गेंदबाजों को सुधार करना होगा और नए तरीके अपनाने होंगे।”

खेल के सबसे खतरनाक हिटर के खिलाफ खेलते हुए अपना करियर बिताने वाले इस स्टार ऑलराउंडर का मानना है कि बल्लेबाजी का बढ़ता दबदबा गेंदबाजों के लिए एक नई चुनौती पैदा कर रहा है।ब्रावो ने मजाकिया अंदाज में कहा, “दुनिया भर में जिस तरह से बल्लेबाजी हो रही है, उसे देखते हुए मुझे खुशी है कि मेरे खेलने के दिन अब बीत चुके हैं।”

वहीं, टी-20 दौर में पावर-हिटिंग की शुरुआत करने वालों में से एक गेल ने मौजूदा पीढ़ी के निडर अंदाज का समर्थन किया है।47 वर्षीय गेल ने कहा, “मुझे खुशी है कि अब गेंदबाजों के बजाय बल्लेबाज रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। वजह साफ है – युवा खिलाड़ी अब निडर होकर क्रिकेट खेल रहे हैं। वे पहली ही गेंद से हमला करते हैं। खिलाड़ी बिना किसी डर या पक्षपात के खेलते हैं।”

            पूर्व बल्लेबाज का मानना है कि यह बदलाव युवा बल्लेबाज़ों की सोच में आया है, जो जोखिम लेने से पहले पारी में जमने के लिए लंबा समय नहीं लेना चाहते।गेल ने कहा, “खेल बदल गया है। खिलाड़ी बदल गए हैं। बल्लेबाज़ अब रन बनाने के लिए भूखे हैं और वे पहली ही गेंद से निडर होकर क्रिकेट खेलते हैं। वे पूरी तरह से निडर हैं, और यह खेल के लिए अच्छा है।”

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