
नोएडा/लखनऊ, 12 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश को देश-दुनिया का प्रमुख निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में नोएडा के योगदान को गति देने के लिए प्राधिकरण ने ‘न्यू नोएडा’ के महा-विस्तार की योजना तैयार की है।औद्योगिक मांग में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए इसे लगभग 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। शहर में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और वैश्विक निवेश को नई रफ्तार देने के साथ ही प्राधिकरण ने वर्ष 2030 तक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से पांच से छह लाख युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने बताया कि वर्ष 1976 में दिल्ली के निकट औद्योगिक नगरी के रूप में स्थापित नोएडा आज उत्तर भारत के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में शामिल है। बेहतर बुनियादी ढांचे, मजबूत कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय राजधानी से निकटता के कारण यहां विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी और वाणिज्यिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ा है।मौजूदा शहरी क्षेत्र में भूमि की उपलब्धता सीमित होने के कारण प्राधिकरण “न्यू नोएडा” के विकास की तैयारी कर रहा है। इसके लिए जल्द ही चरणबद्ध तरीके से भूमि अधिग्रहण शुरू किया जायेगा। वहीं, राज्य सरकार मौजूदा नोएडा में अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) की सुविधा देने के लिए नीतिगत विकल्पों पर भी काम कर रही है।
कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए तीन प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर पर भी योजना बनाई जा रही है। इनके जरिए शहर को बोड़ाकी के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब, बॉटनिकल गार्डन और चार मूर्ति के रास्ते गौर सिटी से जोड़ने का प्रस्ताव है। नोएडा पहले से ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, डीएनडी फ्लाईवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ा है।श्री करुणेश के अनुसार, आगामी पांचवें भूमि पूजन समारोह (जीबीसी) में लगभग 35 हजार करोड़ रुपये के 120 प्रोजेक्ट्स धरातल पर उतरेंगे। इनमें डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाणिज्यिक रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और संस्थागत विकास से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
करीब 20 हजार हेक्टेयर में फैले और 168 सेक्टरों में विभाजित नोएडा का लगभग 90 प्रतिशत क्षेत्र विकसित हो चुका है। पिछले तीन दशकों में यहां करीब 9,500 औद्योगिक, 5,000 वाणिज्यिक और 250 से अधिक संस्थागत आवंटन किए गए हैं। इन गतिविधियों से पिछले 30–35 वर्षों में 12 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं।नोएडा का उत्तर प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में करीब 10 प्रतिशत योगदान है। राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी निर्यात में इसकी हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत और परिधान निर्यात में करीब 80 प्रतिशत बताई जाती है। सैमसंग, डिक्सन, टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल, माइक्रोसॉफ्ट, विप्रो और एडोबी जैसी कंपनियां यहां मौजूद हैं। सिफी और अडानीकनेक्स के डेटा सेंटर निवेश से प्रौद्योगिकी क्षेत्र को भी मजबूती मिली है। प्राधिकरण सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और बैटरी तकनीक में अनुसंधान एवं विकास को भी प्रोत्साहित कर रहा है।
न्यू नोएडा का विस्तार उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ यह पहल राज्य को विनिर्माण एवं प्रौद्योगिकी के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में योगदान देगी।