
गोरखपुर, 12 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) के शासनकाल के दौरान शिक्षा व्यवस्था को चौपट किए जाने का तंज कसते हुए कहा कि सपा और शिक्षा नदी के दो छोर हैं, जो कभी नहीं मिलते।योगी ने सोमवार को गोरखपुर के महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित शिक्षक मतदाता संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी शिक्षा की धुर विरोधी है और जो शिक्षा का विरोधी होगा, वह शिक्षक का हितैषी कभी नहीं हो सकता। सपा सरकार में शिक्षक तक सुरक्षित नहीं थे। कई शिक्षकों को तो सुरक्षा के लिए बंदूक लेकर विद्यालय जाना पड़ता था। सपा की राजनीति पूरी तरह परिवार और धनकुबेरों तक सिमट चुकी है।
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ भाजपा है जो शिक्षा, शिक्षण संस्थान, शिक्षक, सुरक्षा सबके लिए कार्य कर रही है और दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी है, जिसका शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं। सपा शिक्षकों को उपदेश दे रही है, उनका हितैषी होने का ढोंग रच रही है। उसे बताना चाहिए कि चार बार सपा का मुख्यमंत्री बनने के बाद भी शिक्षकों को कैशलेस इलाज क्यों नहीं दे सकी? क्यों उसने शिक्षा जगत से जुड़ी हुई समस्याओं का समाधान नहीं किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा शासनकाल में प्रदेश और युवाओं के सामने पहचान का संकट था। छात्र चिंतित रहता था, कोई दिशा नहीं थी। नकल यहां की पहचान बन गई थी। विद्यालयों के भवन जर्जर थे, कोई पुरसाहाल नहीं था। युवा के सामने भविष्य का संकट था और तत्कालीन सरकार कान में तेल डाल करके सोती थी। जो गुंडे शिक्षा व्यवस्था को चौपट करते थे, अराजकता फैलाते थे, बेटी-बहनों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे, उनको सरकार प्रश्रय देती थी। दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में सम्मानित किया जाता था। आज कोई शिक्षण संस्थान, शिक्षक, बहन-बेटी की सुरक्षा में सेंध नहीं लगा सकता। अगर ऐसा किया तो जेल या जहन्नुम में एक रास्ता चुनना पड़ेगा।
समाजवादी पार्टी पर करारा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के लोग एक नंबर के धोखेबाज और झूठे हैं। जिन्होंने रामभक्तों पर गोली चलाई, जो अयोध्या आकर भी राम मंदिर नहीं जाते, अयोध्या आकर मनगढ़ंत दुष्प्रचार करते हैं, जिन्होंने राम मंदिर के विरोध में पैरवी की, वही लोग आज कालनेमि की तरह रामनाम जपने का काम कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के पीडीए के नारे का वास्तविक अर्थ ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ और ‘पराया धन अपना’ बताते हुए कहा कि यह राज्यसभा के चुनाव में भी साबित हो गया। एक प्रत्याशी ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ से चचाजान बने तो दूसरे ‘पराया धन अपना’ फॉर्मूले से मुंबई के एक धन्नासेठ। उनके पीडीए में शेष समाज के लिए कोई जगह नहीं है। सपा के बार-बार गिरगिट की तरह रंग बदलने से गिरगिट भी खुश होता होगा कि चलो सपा के रूप में उसे एक नया साथी मिल गया।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का यह उपदेश कि उसके आने पर अमन-चौन आएगा, शांति मिलेगी, सुरक्षा होगी, उसी प्रकार है जैसे कोई मगरमच्छ पानी के किनारे आकर बोले कि अब मैंने शिकार करना बंद कर दिया है। सपा के लोग नौका पार लगाने वाले नहीं, नौका डुबाने वाले लोग हैं। इन पर कभी विश्वास करने की आवश्यकता नहीं। ये शिक्षा की नौका को डुबाने वाले हैं, शिक्षकों का अपमान करने वाले हैं, शिक्षा जगत को पूरी तरह कलंकित करने वाले लोग हैं। इन लोगों पर भरोसा नहीं किया जा सकता।