
कानपुर, 13 अक्टूबर। कानपुर जिले में सरकारी जमीनों की जानकारी अब एक क्लिक पर उपलब्ध कराने की तैयारी है। जिला प्रशासन ग्राम समाज, नजूल, सीलिंग और अन्य सरकारी जमीनों का डिजिटल लैंड बैंक तैयार कराएगा। इसके लिए जिले की खाली सरकारी जमीनों की डिजिटल मैपिंग कराई जाएगी।इस पहल से सरकारी परियोजनाओं के लिए उपयुक्त जमीन चिह्नित करने में आसानी होगी। साथ ही सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण की पहचान, शिकायतों की जांच और निगरानी को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
जिलाधिकारी श्री महेंद्र सिंह तंवर ने इस पहल को मूर्त रूप देने के लिए रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन्स सेंटर, लखनऊ से डिजिटल मैपिंग का विस्तृत परियोजना प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। इसके तहत केंद्र से परियोजना की तकनीकी रूपरेखा, अनुमानित लागत, आवश्यक संसाधनों तथा जनपद में जीआईएस विशेषज्ञ की तैनाती सहित प्रस्ताव मांगा गया है।जिलाधिकारी ने पत्र में उल्लेख किया है कि जनपद में विभिन्न विभागों के कार्यालयों एवं आवासीय भवनों की स्थापना के लिए समय-समय पर सरकारी भूमि की आवश्यकता होती है। डिजिटल लैंड बैंक तैयार होने से उपलब्ध सरकारी भूमि का समेकित विवरण एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। इससे विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप उपयुक्त भूमि के चिह्नांकन एवं आवंटन की प्रक्रिया अधिक सुगम, पारदर्शी और व्यवस्थित हो सकेगी।
जनता दर्शन, तहसील दिवस और आईजीआरएस के माध्यम से सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों की शिकायतें प्राप्त होती रहती हैं। डिजिटल मैपिंग से सरकारी जमीनों की स्थिति एवं उपलब्धता की जानकारी व्यवस्थित रूप से प्राप्त हो सकेगी। इससे अतिक्रमण संबंधी शिकायतों की जांच और संबंधित भूमि की पहचान में प्रशासन को सहायता मिलेगी।