
जौनपुर, 14 अक्टूबर । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी सुरेश रैना ने रणजी ट्राफी के लिये उत्तर प्रदेश की चार टीमे बनाने की वकालत की है।वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित जौनपुर प्रीमियर लीग (जीपीएल) के फाइनल मुकाबले से पहले पत्रकारों से बातचीत में रैना ने रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश की भागीदारी के सवाल पर प्रदेश में चार टीमें बनाए जाने की जरूरत बताई। उनके मुताबिक, इससे अधिक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और प्रदेश के क्रिकेटरों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच मिल सकेगा।
उन्होने कहा कि पूर्वांचल समेत पूरे उत्तर प्रदेश में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने, उनकी प्रतिभा को निखारने और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में क्रिकेट की अपार संभावनाएं हैं। खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर और उचित मंच उपलब्ध कराना जरूरी है।अपने क्रिकेट करियर के एक यादगार पल का जिक्र करते हुए रैना ने कहा कि मौका मिलने पर वह अपनी उस पारी को दोबारा खेलना चाहेंगे, जिसमें वह 87 रन के स्कोर पर रन आउट हो गए थे। उनके इस बयान ने क्रिकेट प्रेमियों को उनकी यादगार पारियों और उस अधूरी पारी की याद दिला दी।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी सुरेश रैना की मौजूदगी ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा दिया। अपने पसंदीदा क्रिकेटर को करीब से देखकर खिलाड़ियों में खासा जोश नजर आया। इस दौरान मैदान पर क्रिकेट के रोमांच के साथ अधिकारियों और खिलाड़ियों का उत्साह भी देखने को मिला।मैच शुरू होने से पहले सुरेश रैना ने गेंदबाजी की, उनकी गेंद पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राकेश सिंह और जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. ने बल्ला घुमाकर शॉट लगाए। दोनों अधिकारियों के शॉट लगाते ही मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।