
अमेठी 14 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश में बुधवार को एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में समाजवादी पार्टी (सपा) के तीन बागी विधायक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में भाजपा सदस्यता समारोह कार्यक्रम में गौरीगंज के सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह अयोध्या के गोसाईगंज के सपा विधायक अभय सिंह और जालौन के कालपी से सपा विधायक विनोद चतुर्वेदी ने भाजपा का टोल फ्री नंबर डायल कर पार्टी की औपचारिक सदस्यता ली। भाजपा प्रदेश अध्य्क्ष पंकज चौधरी ने तीनों सपा विधायकों को भगवा पटका पहना कर पार्टी में स्वागत किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।गौरतलब है कि भाजपा में शामिल हुये इन विधायकों ने 2022 का विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर जीता था, लेकिन 2024 के राज्यसभा चुनाव में इन्होंने भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी, जिसके बाद सपा ने इन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था जिसके बाद से इनके भाजपा में शामिल होने के कयास लगाये जाने लगे थे।
इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि सपा की साइकिल तो पिछले चुनाव में ही पंचर हो गई थी। उन्होने कहा कि जो लोग लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं और चुनाव आयोग का अपमान कर रहे हैं। उन्हें अपनी भूमिका पर विचार करना चाहिए।कांग्रेस पर हमला बोलते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि अपने राजकुमार को शहंशाह बनाने के लिए चाहे जितनी राजनीतिक पार्टियों को एकजुट कर लिया जाए, लेकिन इससे उत्तर प्रदेश की राजनीतिक हकीकत नहीं बदलने वाली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस बात पर चिंतन करना चाहिए कि वह 47 साल से उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने में असमर्थ क्यों रही है। अपनी राजनीतिक विफलताओं की समीक्षा करने के बजाय कांग्रेस चुनाव आयोग पर आरोप लगा रही है।
विनोद चतुर्वेदी, राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह के भाजपा में शामिल होने से प्रदेश में सपा और भाजपा के बीच राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, इस घटनाक्रम का आगामी विधानसभा चुनावों पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।