
नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब सरकार पर राज्य में नशे की समस्या पर अंकुश लगाने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
श्री शाह ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि नशे का बढ़ता प्रकोप कईं परिवारों को तबाह कर चुका है और अनेक युवाओं की जान ले चुका है। उन्होंने कहा कि नशे के कारण अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों का दुख शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।अवैध नशे के कारोबार का विरोध करने वालों की आवाज दबाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी।श्री शाह ने कहा, “इन परिवारों ने जिस पीड़ा को सहा है, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। नशे के इस काले कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को चुप कराने की कोई भी कोशिश कभी सफल नहीं होगी और पंजाब की जनता इसका करारा जवाब देगी। भारत सरकार नशे के तस्करों की पहचान कर उन्हें एक-एक करके जेल भेजेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि पंजाब सहित पूरा देश नशे के इस कारोबार से मुक्त हो।”
श्री शाह पंजाब के अपने दौरे के दौरान मानसा, संगरूर और गुरदासपुर जिलों में उन परिवारों से मुलाकात करेंगे, जिनके सदस्यों की कथित तौर पर ‘चिट्टा’ नामक सिंथेटिक नशीले पदार्थ के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण जान चली गयी।
गृह मंत्री ने नशे के कारोबार में शामिल लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे और पंजाब की जनता ऐसी गतिविधियों का करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ‘चिट्टा’ के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि पंजाब और देश के अन्य हिस्सों से नशे के खतरे को खत्म करने के प्रयासों के तहत केंद्र सरकार नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों का पता लगाकर उन्हें जेल भेजेगी। उन्होंने नशा तस्करी के खिलाफ लड़ाई और पंजाब सहित पूरे देश को नशामुक्त बनाने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।श्री शाह 20 अक्टूबर को पंजाब का दौरा करेंगे। इस दौरान वह नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ताओं और ‘चिट्टा’ तथा गैंगस्टर गिरोहों के आतंक के कारण मारे गए या प्रभावित हुए लोगों के परिजनों से मुलाकात करेंगे।
हाल की घटनाओं, विशेष रूप से मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह उर्फ झोटा की दिनदहाड़े हत्या ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जनता के आक्रोश और राजनीतिक विवाद को फिर हवा दे दी है। इन हत्याओं के बाद पंजाब में बड़ा राजनीतिक टकराव पैदा हो गया है। भाजपा और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की तीखी आलोचना की है।