
वाराणसी, 21 अक्टूबर । भारतीय वायु सेना के 94 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वाराणसी के नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्टूबर को ऐतिहासिक एयर शो का आयोजन किया जाएगा। ‘विंग्स ओवर गंगा’ थीम पर आधारित इस हवाई प्रदर्शन में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर और स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस सहित करीब 100 विमान अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के करतब भी आकर्षण का केंद्र होंगे। वायु सेना द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन का उद्देश्य देश की वायु एवं अंतरिक्ष शक्ति का प्रदर्शन करने के साथ युवाओं को प्रेरित करना और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति वायु सेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित करना है। गंगा के ऊपर होने वाला यह हवाई प्रदर्शन आम लोगों के लिए एक दुर्लभ और रोमांचक अनुभव होगा।
एयर शो में कुल 100 विमान हिस्सा लेंगे। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक ऐतिहासिक विमान शामिल है। विमानों का संचालन देश के 12 वायु अड्डों से किया जाएगा, जिनमें चेन्नई के निकट स्थित नौसैनिक अड्डा अरक्कोणम भी शामिल है। भारतीय वायु सेना के गरुड़ विशेष बल भी प्रदर्शन में भाग लेंगे।प्रदर्शन में हेलीकॉप्टर बेड़े से एलसीएच, चिनूक, एएलएच मार्क III, एएलएच मार्क IV, अपाचे, चेतक, कामोव-31 और एमआई-17 वी5 शामिल होंगे। परिवहन एवं सहायक विमानों में सी-295, सी-17, सी-130, एईडब्ल्यूएंडसी, आईएल-78, एएन-32 और पी-8आई हिस्सा लेंगे। लड़ाकू विमानों में सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, राफेल, एलसीए तेजस, मिग-29 और जगुआर अपनी क्षमता प्रदर्शित करेंगे। हार्वर्ड विमान के साथ सूर्यकिरण और सारंग प्रदर्शन टीमें भी करतब दिखाएंगी।
इस संयुक्त प्रदर्शन में भारतीय थल सेना के दो एएलएच हेलीकॉप्टर तथा भारतीय नौसेना के एक पी-8आई समुद्री निगरानी विमान और एक कामोव-31 हेलीकॉप्टर भी शामिल होंगे। एयर शो के प्रमुख आकर्षणों में ‘काशी’ फॉर्मेशन शामिल है, जिसमें तीन किरण विमान विजय के प्रतीक ‘वी’ आकार में उड़ान भरते हुए गंगा के ऊपर तिरंगे के रंग बिखेरेंगे। ‘वरुणा’ फॉर्मेशन में भारतीय वायु सेना और थल सेना के तीन एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। इस दौरान रस्सियों के सहारे जवानों को नीचे उतारने की कार्रवाई का भी प्रदर्शन किया जाएगा।‘केदार’ फॉर्मेशन में एक राफेल विमान कम ऊंचाई पर एरोबेटिक करतब दिखाएगा। इसके बाद ‘हनुमान’ कॉलसाइन के तहत सुखोई-30 एमकेआई और ‘सारनाथ’ फॉर्मेशन में ऐतिहासिक हार्वर्ड विमान हवाई करतब प्रदर्शित करेंगे। ‘ओंकार’ फॉर्मेशन में तीन एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और भारतीय वायु सेना का ध्वज लेकर उड़ान भरेंगे। इसके बाद ‘गंगा’ फॉर्मेशन में तीन चेतक हेलीकॉप्टरों से पुष्पवर्षा की जाएगी। ‘रुद्र’ फॉर्मेशन के तहत एक सुखोई-30 एमकेआई विमान मुख्य मंच के ऊपर से तेज गति से गुजरेगा।
‘भागीरथी’ फॉर्मेशन में स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों (एलसीएच) और अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों का प्रदर्शन होगा। ‘त्रिदेव’ फॉर्मेशन में भारतीय नौसेना का एक कामोव-31 तथा भारतीय वायु सेना और थल सेना के एक-एक एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टर विक्ट्री फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। यह तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और संयुक्त परिचालन क्षमता को प्रदर्शित करेगा।‘अलकनंदा’ फॉर्मेशन में दो चिनूक और दो एएलएच मार्क IV हेलीकॉप्टर उल्टे विक्ट्री फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। ‘भैरव’ फॉर्मेशन में एक सी-295 और दो डोर्नियर विमान तथा ‘कैलाश’ फॉर्मेशन में एक सी-130 और दो एएन-32 विमान शामिल होंगे।
‘त्रिलोचन’ फॉर्मेशन में एक एईडब्ल्यूएंडसी विमान दो मिग-29 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेगा। वहीं, ‘नटराज’ फॉर्मेशन में भारतीय नौसेना का पी-8आई समुद्री निगरानी विमान दो मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ दिखाई देगा। ‘महादेव’ फॉर्मेशन में हवा में ईंधन भरने वाला आईएल-78 विमान तीन मिराज-2000 विमानों के साथ उड़ान भरेगा।‘विश्वनाथ’ फॉर्मेशन में तीन सुखोई-30 एमकेआई विमान विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इसके बाद ‘पशुपति’ फॉर्मेशन में चार जगुआर विमान डायमंड आकार में और ‘नीलकंठ’ फॉर्मेशन में तीन राफेल विमान हवाई प्रदर्शन करेंगे। ‘प्रचंड’ फॉर्मेशन में सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए और मिग-29 सहित छह लड़ाकू विमान तीर के अग्रभाग जैसी आकृति में उड़ान भरेंगे। यह प्रदर्शन भारतीय वायु सेना की युद्धक क्षमता, तत्परता और सटीक प्रहार करने की क्षमता को रेखांकित करेगा। आयोजकों के अनुसार, यह फॉर्मेशन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रदर्शित वायु शक्ति को भी समर्पित है।
स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस ‘अस्सी’ कॉलसाइन के तहत कम ऊंचाई पर एरोबेटिक करतब दिखाएगा। यह प्रदर्शन भारत की स्वदेशी एयरोस्पेस तकनीक और लड़ाकू विमान निर्माण में आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित करेगा। एयर शो के प्रमुख आकर्षणों में ‘दशाश्व’ फॉर्मेशन होगा। इसमें सी-17 ग्लोबमास्टर विमान नौ सूर्यकिरण हॉक विमानों का नेतृत्व करते हुए मुख्य मंच के ऊपर से फ्लाईपास्ट करेगा। इसके बाद सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम आकाश में अपने रोमांचक करतब प्रस्तुत करेगी।भारतीय वायु सेना का यह आयोजन ‘सटीक, अभेद्य और अचूक’ के संदेश के साथ देश की हवाई ताकत, आधुनिक तकनीक और वायु योद्धाओं के कौशल को प्रदर्शित करेगा।