
सहारनपुर, 21 अक्टूबर । फिल्म अभिनेत्री और भाजपा नेता उर्मिला सनावर ने बुधवार को कहा कि वह उत्तराखंड की अंकिता भंडारी जिनकी 2022 में मंत्रा रिजार्ट में हत्या कर शव को चीला बैराज में फेंक दिया गया था को न्याय दिलाने के लिए भाजपा में रहकर ही संघर्षरत रहेंगी।इस मामले में तीन दोषी कोर्ट से सजा मिलने के बाद जेल में हैं और अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और मां सोनी भंडारी की मांग पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई की जांच बैठाई थी। सीबीआई की एक टीम ने दो दिन पहले सहारनपुर आकर उर्मिला सनावर के आवास गोविंद नगर पहुंचकर उनसे इस प्रकरण में सहायता मांगी थी। उर्मिला सनावर ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में एक वीआईपी भाजपा नेता का नाम सामने आया था। जब तक वह शख्स कानूनी शिकंजे में नहीं आता है तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। हाल ही में उस वीआईपी को एक राज्य का राज्यपाल बनाया गया है।
उर्मिला सनावर ने कहा कि इनकी जान को लगातार खतरा बना हुआ है। उनके पति ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ भी उनकी जान के पीछे पड़े हुए हैं। सुरेश राठौड़ ने ही अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक वीआईपी की संलिप्तता का मामला उजागर किया था। लेकिन सरकार व पार्टी उनका बचाव कर रही है। इस मामले को लेकर वह सुप्रीम कोर्ट भी जा सकती हैं। अपने वकीलों से वह बातचीत कर रही हैं।इस सवाल के जवाब में कि वह ऐसे हालात में भी भाजपा में बनी हुई हैं तो उन्होंने दृढ़ता से कहा कि भाजपा उनकी अपनी पार्टी है। इसे वह नहीं छोड़ेंगी। उर्मिला सनावर ने बताया कि दिल्ली में बोट क्लब पर धरने के दौरान उसकी पहली बार अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और मां सोनी भंडारी से मुलाकात हुई थी। उस दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी ने भी अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात कर उनकी मांग का समर्थन किया था। उर्मिला सनावर सहारनपुर की रहने वाली हैं और यहां गोविंद नगर में अपने आवास पर ठहरी हुई हैं।