
कानपुर, 21 अक्टूबर। कानपुर में अम्बेडकर नगर स्थित केडीए कॉलोनी के डॉ. बीआर अम्बेडकर संस्थान में 2288वें चक्रवर्ती देवप्रिय सम्राट अशोक महान की स्मृति में दिव्य आदि सत्य सनातन धर्म-संस्कृति के ज्ञान एवं संस्कार विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश पुलिस के पुलिस योजना निदेशक डॉ. केएन सिंह ने सम्राट अशोक के जीवन, उनके आध्यात्मिक परिवर्तन और विभिन्न परंपराओं में वर्णित आध्यात्मिक ज्ञान पर विचार व्यक्त किए।
डॉ. सिंह ने कहा कि कलिंग विजय के बाद युद्ध में हुए रक्तपात से व्यथित सम्राट अशोक ने शांति की तलाश में आध्यात्मिक ज्ञान की ओर रुख किया। उन्होंने विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं में वर्णित ध्यान, योग, चक्रों तथा आंतरिक चेतना के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि आध्यात्मिक साधना के माध्यम से साधक दिव्य प्रकाश और अनहद नाद का अनुभव कर सकता है।उन्होंने अष्टावक्र और राजा जनक के प्रसंग का उल्लेख करते हुए राजयोग तथा नभो मुद्रा की अवधारणा पर भी चर्चा की। डॉ. सिंह ने कहा कि विभिन्न भाषाओं और धार्मिक परंपराओं में परमात्मा, दिव्य प्रकाश और नाद से संबंधित विचार अभिव्यक्त किए गए हैं। उन्होंने गुरु नानक की वाणी में वर्णित शब्द और प्रकाश की अवधारणा का उल्लेख करते हुए आध्यात्मिक ज्ञान की समानताओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में डॉ. आरके सिंह, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर के डॉ. बीएन सिंह, डॉ. लीला प्रसाद, शंकर लाल तथा ओएफसी सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।