
मुंबई, 21 अक्टूबर । रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) में पहले दिन संस्थागत निवेशकों ने जबरदस्त रुचि दिखाई और शाम पांच बजे तक उनकी तरफ से नौ गुना बोली मिली। बीएसई से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, पहले सात घंटे में शाम पांच बजे तक जियो के आईपीओ के लिए तीन गुना बोली मिली थी। पात्र संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित शेयरों के लिए नौ गुना बोली प्राप्त हुई। गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित शेयरों के लिए 1.56 गुणा बोली मिली। खुदरा निजी निवेशकों ने शाम पांच बजे तक 67 प्रतिशत यानी 0.67 गुणा बोली लगाई है। खास बात यह रही कि आईपीओ खुलते ही महज 100 मिनट में शत-प्रतिशत सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा पार हो गया। इससे पहले 19 अक्टूबर को एंकर निवेशकों के लिए रखे गए करीब 8,110 करोड़ रुपये के शेयरों के मुकाबले भी 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिली थीं।रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए जियो आईपीओ में 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित रखे गए हैं। वहीं, कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक का कोटा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारक खुदरा श्रेणी में भी आवेदन कर सकते हैं। अब तक कर्मचारियों की ओर से 1.29 गुना और पात्र शेयरधारकों से 1.36 गुना बोली मिली है।
आईपीओ 23 अक्टूबर को बंद होगा। इसका मूल्य दायरा 1,065 रुपये से 1,119 रुपये रखा गया है। शत-प्रतिशत सबस्क्रिप्शन के साथ ही यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन गया है। एंकर निवेशकों को आवंटित शेयरों के साथ निर्गम का कुल आकार 30,000 करोड़ रुपये से अधिक है। इससे पहले देश का सबसे बड़ा आईपीओ हुंडई मोटर इंडिया का था, जिसका आकार 27,870 करोड़ रुपये था।