
नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर । सुरक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) के गैस स्टेशनों पर बुधवार को नवगति टेक प्राइवेट लिमिटेड की एआई आधारित वाहन पहचान और हाइड्रोटेस्ट वैधता जांच प्रणाली की गई।
पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो) के उत्तरी संकुल के संयुक्त मुख्य विस्फोटक नियंत्रक संजय कुमार सिंह ने यहां शांतिपथ स्थित सीएनजी स्टेशन पर इसका उद्घाटन किया। इस पहल के तहत नवगति की एआई आधारित वाहन पहचान और हाइड्रोटेस्ट वैधता जांच प्रणाली भी शुरू की गई है। यह तकनीक सीएलजी सिलेंडरों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
पेसो के हालिया निर्देशों के बाद सिटी गैस कंपनियों के लिए सीएनजी स्टेशनों पर सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है। इसी दिशा में आईजीएल ने दिल्ली के प्रमुख सीएनजी स्टेशनों पर नवगति की तकनीक लागू की है। आने वाले समय में इसे दिल्ली-एनसीआर के अन्य आईजीएल स्टेशनों पर भी शुरू करने की योजना है।हाइड्रोटेस्ट में गैस सिलेंडरों में रिसाव आदि की जांच और उसकी मजबूती के परीक्षण के लिए पानी या दूसरे तरल का इस्तेमाल किया जाता है। नवगति की यह प्रणाली पेसो के ऑनलाइन पोर्टल से जुड़कर सिलेंडर के हाइड्रोटेस्ट की वैधता की जांच करती है। हाइड्रोटेस्ट के जरिये सिलेंडर की सुरक्षा और उसकी तय समय-सीमा के भीतर जांच होने की पुष्टि की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया को आसान और प्रभावी बनाने के लिए नवगति ने तीन स्तरों वाली व्यवस्था तैयार की है।नवगति का फ्यूलिंग ऐप वाहन मालिकों को अपने सिलेंडर के हाइड्रोटेस्ट की स्थिति देखने और उसकी वैधता की जानकारी डिजिटल रूप में दिखाने की सुविधा देता है। गैस स्टेशन कर्मचारियों के लिए आवेग कम्प्लायंस ऐप है जो ऐप कतार में खड़े वाहनों की जांच करने वाले कर्मचारियों और क्यू मार्शल के लिए बनाया गया है। इसकी मदद से वे मोबाइल डिवाइस पर तुरंत यह पता लगा सकते हैं कि वाहन के सीएनजी सिलेंडर का हाइड्रोटेस्ट वैध है या नहीं। आवेग सिस्टम से सभी वाहनों की स्वचालित जांच संभव होती है। यह गैस स्टेशन पर आने वाले वाहनों की नंबर प्लेट को स्वचालित रूप से स्कैन करता है और उनके सिलेंडर के हाइड्रोटेस्ट की स्थिति की जांच करता है। इसकी जानकारी स्टेशन पर लगी एलईडी स्क्रीन पर दिखाई जाती है, जिससे अधिक से अधिक वाहनों की जांच संभव हो पाती है।आईजीएल ने बताया कि यदि किसी सिलेंडर का प्रमाणपत्र समाप्त हो चुका है या वह वैध नहीं है, तो स्टेशन के कर्मचारियों को तुरंत अलर्ट भेजा जाता है। ये अलर्ट हैंडहेल्ड डिवाइस, एलईडी स्क्रीन और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के जरिये दिए जाते हैं, ताकि नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहनों को सीएनजी भरवाने से रोका जा सके।