
कानपुर 23 अक्टूबर। अनियमित दिनचर्या और खानपान के तौर तरीेकों के कारण तेजी से पांव पसार रही दिल की बीमारी से बचाव के लिये देश के वरिष्ठ चिकित्सक यहां शनिवार को हृदयरोग पर केंद्रित सम्मेलन ‘कार्डियोप्रिवेंट 2026’ में हिस्सा लेंगे और जानलेवा बीमारी से बचाव के लिये कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) समेत अन्य वैज्ञानिक उपायों की मदद लेने पर चर्चा करेंगे। आयोजन सचिव एवं वरिष्ठ हृदयरोग विशेषज्ञ डा अवधेश शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि देश में पहली बार हो रहे इस प्रकार के विशेष सम्मेलन को नौ वैज्ञानिक सत्रों में बांटा गया है जिसमें उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश,दिल्ली,झारखंड और जम्मू कश्मीर के जाने माने विशेषज्ञ 34 व्याख्यान देंगे।हर सत्र के अंत में विशेषज्ञों की खुली चर्चा होगी ताकि चिकित्सक ऐसी व्यावहारिक जानकारी लेकर लौटें जिसका सीधा लाभ मरीजों को मिल सके।
कार्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया (सीएसआई) के निर्वाचित अध्यक्ष एवं एलपीएस इंस्टीट्यूट आफ कार्डियोलॉजी के पूर्व छात्र पूर्व छात्र डा सत्येन्द्र तिवारी सम्मेलन के मुख्य अतिथि होंगे जबकि एलपीएस इंस्टीट्यूट आफ कार्डियोलॉजी के निदेशक डा राकेश वर्मा विशिष्ट अतिथि की भूमिका में होंगे।आयोजन के अध्यक्ष एवं सीएसआई के यूपी चैप्टर के अध्यक्ष डा उमेश्वर पांडेय ने बताया कि हृदयरोग हाल के वर्षो में एक जटिल समस्या बन कर उभरा है जिसकी चपेट में युवा यहां तक की बच्चे भी आ रहे हैं। ऐसे में हमे अब विचार करना होगा कि जींस,वंशानुगत इतिहास का अध्य्यन कर अमुक व्यक्ति को रोग से ग्रसित होने से पहले ही आगाह किया जा सके। इसके लिये कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) की भी मदद ली जायेगी।
उन्होने बताया कि हृदयरोग संस्थान में जल्द ही हृदयरोग से बचाव के लिये अलग विभाग की स्थापना की जायेगी जिसमें एलोपैथी के अलावा आयुर्वेद,योगा आदि पद्धति से लोगों को हृदयरोग से बचाव के बारे में जागरुक किया जायेगा।संस्थान के निदेशक डा राकेश वर्मा ने बताया कि आमतौर पर लोग रक्तचाप की समस्या को लेकर गंभीर नहीं दिखायी देते। 120/80 रक्तचाप को सामान्य समझा जाता है जो गलत है। रक्तचाप में उतार चढ़ाव को नजरअंदाज करना घातक सिद्ध हो सकता है। लोगों को यह भी समझना होगा कि नींद में खर्राटे भी हृदयरोग से ग्रसित होने का अग्रिम संकेत है। उन्होने बताया कि सम्मेलन में उच्च रक्तचाप और नमक,हार्ट अटैक,मोटापा,वायु प्रदूषण का दिल पर असर,महिलाओं और बच्चों में हृदयरोग आदि विषयों पर गंभीर चर्चा होगी।
डा अवधेश शर्मा ने बताया कि सम्मेलन में बीएचयू के डा विकास अग्रवाल हृदयरोग से बचाव के लिये एआई की भूमिका पर व्याख्यान देंगे जबकि केजीएमयू के वरिष्ठ चिकित्सक प्रवेश विश्वकर्मा भी हृदयरोग से बचाव के तौर तरीकों पर अपना नजरिया प्रस्तुत करेंगे। सम्मेलन की एक यह भी खासियत होगी कि भाग ले रहे सीएसआई के अध्यक्ष और यूपी चैप्टर के अध्यक्ष संस्थान के पूर्व छात्र रहे चुके हैं।