
प्रयागराज, 24 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश के कबीना मंत्री और शहर दक्षिणी के विधायक नंद गोपाल गुप्ता नंदी के कार्यालय से डिजिटल डाटा और महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मंत्री की सोशल मीडिया टीम में काम कर चुके दो पूर्व कर्मचारियों ने डाटा चोरी करने के साथ सरकारी लेटरपैड की कूटरचना भी की। इस मामले में कोतवाली थाने में दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।पुलिस के मुताबिक, मंत्री के सोशल मीडिया एवं मीडिया सलाहकार दिव्यांश शेखर सिंह की तहरीर पर शुक्रवार देर शाम एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मीडिया सलाहकार ने 22 अक्टूबर को पुलिस आयुक्त को दिए प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया कि कानपुर निवासी गौरव मिश्रा मंत्री की सोशल मीडिया टीम में वीडियो एडिटर और ग्राफिक डिजाइनर के रूप में कार्यरत था। वह डाटा एकत्र करने का काम भी संभालता था। इस कारण उसके पास मंत्री से संबंधित डिजिटल डाटा, फोटो, हार्ड डिस्क और यूट्यूब अकाउंट का एक्सेस था।शिकायत के अनुसार, गौरव मिश्रा ने मंत्री कार्यालय से पहले ही हटाए जा चुके कर्मचारी दुर्गेश कुमार सिंह के साथ मिलकर साजिश रची। आरोप है कि दोनों ने कंप्यूटर से महत्वपूर्ण डाटा और दस्तावेज चोरी कर लिए। कार्यालय के अन्य कर्मचारियों ने कंप्यूटर और दराज की जांच की तो कई डिजिटल फाइलों और जरूरी दस्तावेजों के गायब होने की जानकारी सामने आई।
प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने मंत्री के सरकारी लेटरपैड की कूटरचना कर जाली लेटरपैड भी तैयार किया। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई कि कथित फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल विभिन्न स्थानों पर किया जा सकता है। उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत जांच कर इसके पीछे की मंशा और उद्देश्य का पता लगाने की मांग की है।कोतवाली थाना प्रभारी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। फिलहाल वह मेला ड्यूटी में तैनात हैं, इसलिए मामले के संबंध में अधिक जानकारी नहीं दे सके। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।