
बरेली, 24 अक्टूबर । बरेली जिला न्यायालय की हवालात से पुलिसकर्मियों को चकमा देकर एक बंदी फरार हो गया। हैरानी की बात यह है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तीन दिन तक घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं दी और अपने स्तर से बंदी की तलाश करते रहे।शनिवार को मामला सामने आने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने दरोगा समेत आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। सभी के खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। फरार बंदी की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गई हैं।
सुभाषनगर निवासी सचिन सिंह ठाकुर जिला कारागार में बंद था। उसे 21 अक्टूबर को एक मामले में पेशी के लिए जिला न्यायालय लाया गया था। इसी दौरान वह न्यायालय की हवालात से पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। घटना के बाद ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उच्चाधिकारियों को सूचना देने के बजाय खुद ही उसकी तलाश शुरू कर दी। आरोप है कि तीन दिन तक घटना को छिपाए रखा गया।शनिवार को घटना की जानकारी एसएसपी अनुराग आर्य तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सीओ सिटी प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कोर्ट हवालात चौकी के दरोगा विजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह, कुलवंत सिंह, सुधीर कुमार, सोमदास और धर्मेंद्र तथा कांस्टेबल इंद्रजीत और आदेश की लापरवाही सामने आई है। सभी आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिसकर्मियों पर बंदी के फरार होने की सूचना छिपाने का भी आरोप है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने फरार बंदी सचिन सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के लिए सर्विलांस, एसओजी, कोतवाली और सुभाषनगर थाने की पुलिस को शामिल करते हुए चार संयुक्त टीमें गठित की हैं। टीमें बंदी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फरार बंदी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।