ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका-इजरायल के हमलों से हुए नुकसान के मुआवजे की बात कही

ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका-इजरायल के हमलों से हुए नुकसान के मुआवजे की बात कही

तेहरान, 25 अक्टूबर । ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल के हमलों से हुए नुकसान के लिए मुआवजा हासिल करने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य अभियान की संभावना जताई है।

श्री खामेनेई ने न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसेनी-एजेई के साथ बैठक के दौरान यह टिप्पणी की। सर्वोच्च नेता की वेबसाइट पर जारी बयान के अनुसार, बैठक में न्यायिक सुधारों, भ्रष्टाचार से निपटने, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और अदालती मामलों के निपटारे में तेजी लाने पर चर्चा हुई।

श्री खामेनेई ने अपराधों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उनके अनुसार, “अमेरिका-इजरायली अपराधियों द्वारा किए गए अपराधों” से हुए भौतिक एवं गैर-भौतिक नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया।

बयान में कहा गया कि ईरान की न्यायपालिका को देश के अधिकारों और मुआवजे के दावों को गंभीरता से आगे बढ़ाना चाहिए। साथ ही, न्यायिक फैसलों को शीघ्र और प्रभावी ढंग से लागू करना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसमें न्यायिक व्यवस्था में व्यापक और ठोस बदलाव लाने की भी मांग की गई।

श्री ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान के तेल संसाधनों पर कब्जा करने की धमकी दी थी और संकेत दिया कि अमेरिका पूरे देश को अपने नियंत्रण में ले सकता है। व्हाइट हाउस से फ्लोरिडा में एक रैली के लिए रवाना होते समय उन्होंने कहा, “ईरान अब ज्यादा कुछ करने की स्थिति में नहीं है। अगर हम चाहें तो उसका पूरा तेल ले सकते हैं। हम पूरे देश पर कब्जा कर सकते हैं।”

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि संघर्ष एक और साल तक जारी रह सकता है, श्री ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन इसे जल्द समाप्त कर सकता है। उन्होंने कहा, “हम इसे बहुत जल्दी समाप्त कर सकते हैं।” उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि अमेरिका संघर्ष को पूरी तरह खत्म करना चाहता है या ईरान को धीरे-धीरे कमजोर होने देना चाहता है।

फ्लोरिडा की रैली में श्री ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान शुरू करने की संभावना भी जताई। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा, “हम एक और छोटा-सा ‘एपिक फ्यूरी’ अभियान चला सकते हैं।” यह उस अमेरिकी सैन्य अभियान का संदर्भ था, जिसे 28 फरवरी को इजरायल के समन्वित हमलों के साथ शुरू किया गया था।

अमेरिकी मीडिया की खबरों के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के सैन्य योजनाकारों ने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर नए हमलों के विकल्प तैयार किए हैं। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि श्री ट्रंप नए सैन्य अभियान को मंजूरी देंगे या नहीं।

ईरान की ओर से मुआवजे की मांग और अमेरिका की ओर से नए हमलों की संभावना ने दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका को और गहरा कर दिया है, हालांकि श्री ट्रंप ने संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने की संभावना जताई है।

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