
इटावा, 27 अक्टूबर। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपना व्यक्तिगत मित्र बताते हुए राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी करार दिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनने का भरोसा जताते हुए कहा कि विपक्षी नेता होने के नाते अखिलेश अपनी पार्टी की सरकार बनने का दावा करेंगे, लेकिन जनता सच्चाई जानती है।फर्रुखाबाद के ऐतिहासिक संकिसा बौद्ध स्थल के दौरे पर आए रिजिजू ने सैफई हवाई पट्टी पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अखिलेश यादव उनके व्यक्तिगत मित्र हैं, लेकिन राजनीतिक रूप से दोनों अलग-अलग पक्षों में हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का हित मजबूत भाजपा सरकार में सुरक्षित है और भाजपा विकास तथा जनसमर्थन के आधार पर चुनाव मैदान में उतरेगी।
केंद्रीय मंत्री ने संकिसा के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थल बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए विशेष आस्था रखता है। बौद्ध मान्यताओं के अनुसार, भगवान बुद्ध अपनी माता और देवताओं के साथ देवलोक से यहां उतरे थे। सम्राट अशोक ने भी यहां स्तंभ स्थापित कराया था। उन्होंने कहा कि संकिसा और आसपास के क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन एवं आस्था केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के साथ बातचीत कर संभावनाओं पर विचार किया जाएगा, ताकि इस ऐतिहासिक स्थल को वैश्विक पहचान मिल सके।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर रिजिजू ने कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी हार से विपक्ष के नेता अपना संतुलन खो रहे हैं। भाजपा ने भी करीब 50 वर्ष विपक्ष में बिताए, लेकिन पार्टी ने अपना संतुलन नहीं खोया और मेहनत के बल पर आगे बढ़ी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने जनता के बीच काम करके अपना विश्वास मजबूत किया है। रिजिजू ने खरगे और राहुल गांधी को भाषा की मर्यादा बनाए रखने की नसीहत देते हुए कहा कि जनता का भरोसा जमीन पर काम करने से मिलता है, न कि विदेश यात्राओं और विवादित बयानों से।
राहुल गांधी के रामलला के दर्शन करने और व्यापारियों को होने वाली परेशानियों से जुड़े सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर जाना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन इसके कारण आम लोगों की जिंदगी और कारोबार प्रभावित नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि विरोध के नाम पर तोड़फोड़ और हिंसा किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद को डिजिटल किए जाने की सराहना करते हुए रिजिजू ने कहा कि अब विधायक मोबाइल के माध्यम से सवालों के जवाब और जरूरी जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने इसे तकनीक के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकास की गति तेज होने का दावा किया। अपने पुराने अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बचपन में दिल्ली से अरुणाचल प्रदेश या असम जाते समय उत्तर प्रदेश को सड़क मार्ग से पार करने में तीन दिन तक लग जाते थे, जबकि अब बेहतर सड़कों के कारण यह सफर एक दिन में पूरा करना संभव हो गया है।उन्होंने दोहराया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने को लेकर आश्वस्त है। रिजिजू ने कहा कि अखिलेश यादव अपनी राजनीतिक रणनीति के तहत सपा की सरकार बनने का दावा कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश की जनता सब जानती है।