मायावती ने राजनीतिक कटुता और बयानबाजी पर जताई चिंता, कहा- गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई पर ध्यान दें दल

मायावती ने राजनीतिक कटुता और बयानबाजी पर जताई चिंता, कहा- गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई पर ध्यान दें दल

लखनऊ, 27 अक्टूबर । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने देश की राजनीति में बढ़ती कटुता, आपसी अविश्वास और नेताओं की ओर से की जा रही व्यक्तिगत टिप्पणियों पर चिंता जताई है।उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी का स्तर लगातार गिर रहा है और अब यह असंसदीय, अमर्यादित, अपमानजनक तथा जातिवाद से ग्रसित होते हुए हिंसक बयानबाजी तक पहुंच रहा है। यह देश की गरिमा और मान-मर्यादा के लिहाज से चिंताजनक है।

सुश्री मायावती ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा कि राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन आपसी सम्मान बनाए रखना जरूरी है। शीर्ष स्तर पर बैठे लोगों के बीच भी यदि एक-दूसरे के प्रति उचित सम्मान नहीं होगा, तो आपत्तिजनक और विषैली राजनीति को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीति को किसी भी रूप में प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए।बसपा प्रमुख ने आगाह किया कि संकीर्ण और गरीब-विरोधी स्वार्थों पर आधारित राजनीति के बढ़ते चलन से राजनीतिक व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है। इसका नुकसान देश और जनहित दोनों को उठाना पड़ेगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपने व्यवहार और बयानबाजी पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।

उन्होने सरकारी स्तर पर भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता पहले से ही काफी बेचैन है। ऐसे माहौल में नेताओं के बीच आपसी खींचतान और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति स्थिति को और जटिल बना रही है।सुश्री मायावती ने कहा कि जनता की प्राथमिकता देश में बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई जैसी गंभीर समस्याओं का समाधान है। ऐसे में राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को आपसी विवादों में उलझने के बजाय इन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिनका सीधा संबंध आम लोगों के जीवन से है।

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि सभी पार्टियों और उनके नेताओं के बीच अशोभनीय टिप्पणियों तथा बयानबाजी का बढ़ता चलन राजनीतिक माहौल को और अधिक कड़वा एवं विषैला बना रहा है। उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि सभी संबंधित पक्षों को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Designed and Developed by Prakhar Dixit