आनलाइन प्लेटफार्म से ‘शर्मा जी की चाय’ ने पकड़ी स्वाद की रफ्तार, सालाना ऑर्डर सात गुना से अधिक बढ़े

आनलाइन प्लेटफार्म से ‘शर्मा जी की चाय’ ने पकड़ी स्वाद की रफ्तार, सालाना ऑर्डर सात गुना से अधिक बढ़े

लखनऊ, 27 अक्टूबर। नवाब नगरी लखनऊ में चाय, बन-मक्खन और खास गोल समोसे के लिए मशहूर ‘शर्मा जी की चाय’ ने जोमैटो प्लेटफॉर्म पर सालाना ऑर्डर के मामले में सात गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2019 में जहां इस ब्रांड के 6,984 ऑर्डर थे, वहीं 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 50,054 से अधिक हो गई।वर्ष 2018 में जोमैटो से जुड़ने वाले इस ब्रांड की शुरुआत ओम प्रकाश शर्मा ने 1949 में हजरतगंज के पास एक छोटी-सी चाय की दुकान से की थी। अब शर्मा परिवार की तीसरी पीढ़ी इस कारोबार को आगे बढ़ा रही है। ब्रांड ने लखनऊ की फूड वैली में अपना दूसरा आउटलेट शुरू कर कारोबार का विस्तार किया है।

हजरतगंज के नजदीक भीड़भाड़ वाले लालबाग इलाके में शर्मा जी की चाय के स्टॉल पर सुबह से शाम तक चाय के शौकीन भीड़ की शक्ल में नजर आते हैं। चाय के स्टॉल पर अक्सर राजनेताओं को जनता के बीच पैठ बनाते देखा जा सकता है। यह नजारा चुनाव के समय ज्यादा दिखायी देता है। नगर निगम,भाजपा,रालोद के दफ्तरों के नजदीक स्थित चाय का यह स्टॉल लखनऊ में खासा लोकप्रिय हो चुका है और अब जोमैटो जैसे ऑनलाइन प्लेटफार्म ने इसकी लोकप्रियता में उत्प्रेरक का काम किया है।शर्मा जी की चाय के मालिक मानव शर्मा ने कहा कि सात दशकों से अधिक समय से उनके कारोबार का मूल मंत्र अच्छी चाय, ताजा नाश्ता और लोगों के बीच अपनापन बनाए रखना रहा है। उनके दादा ने छोटी-सी दुकान से इसकी शुरुआत की थी और ग्राहकों के प्यार तथा भरोसे ने इसे आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जोमैटो ने इस विरासत को हजरतगंज से आगे ले जाने और नई पीढ़ी के ग्राहकों तक पहुंचने में मदद की है, जबकि ब्रांड ने अपने पारंपरिक स्वाद को बरकरार रखा है।

जोमैटो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आदित्य मंगला ने कहा कि शर्मा जी की चाय के कारोबार में वृद्धि उसकी मजबूत विरासत और पारंपरिक स्वाद के प्रति समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जोमैटो कारोबार के विस्तार और अधिक ग्राहकों तक व्यंजन पहुंचाने में ब्रांड का सहयोग कर रहा है।शर्मा जी की चाय की शुरुआत वर्ष 1949 में हुई थी। ओम प्रकाश शर्मा ने अपनी जमा पूंजी से हजरतगंज में चाय की दुकान खोली थी। धीरे-धीरे यह दुकान चाय पीने और बातचीत करने के लिए लोगों की पसंदीदा जगह बन गई। चाय के साथ परोसे जाने वाले बन-मक्खन और खास गोल समोसे इसकी पहचान बन गए। कंपनी के अनुसार, यहां दशकों से नियमित ग्राहकों के साथ राष्ट्रीय नेता और मशहूर हस्तियां भी आते रहे हैं।

जोमैटो से जुड़ने के बाद ब्रांड को ऑनलाइन ग्राहकों तक पहुंच बनाने में मदद मिली। सालाना ऑर्डर में हुई वृद्धि के साथ कारोबार का विस्तार भी हुआ है। जोमैटो छोटे रेस्तरां को कारोबार बढ़ाने में मदद देने के लिए कई पहल कर रहा है। कंपनी के अनुसार, उसके स्व-पंजीकरण टूल के जरिए रेस्तरां 15 मिनट में प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध हो सकते हैं। रेस्तरां सर्विसेस हब के माध्यम से लाइसेंस, कर्मचारियों की भर्ती और साफ-सफाई संबंधी ऑडिट सेवाएं देने वाले सत्यापित विक्रेताओं तक पहुंच उपलब्ध कराई जाती है।कंपनी चुनिंदा शहरों में नए रेस्तरां को शुरुआती 30 दिनों के लिए शून्य कमीशन के साथ विज्ञापन और हाइपरप्योर सेवाओं के वास्ते क्रेडिट भी देती है। कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में उसके प्लेटफॉर्म पर हर महीने औसतन 3,28,000 सक्रिय रेस्तरां साझेदार थे।

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