
वेलिंग्टन, 27 अक्टूबर । भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि उन्होंने भारतीय टीम में वापसी के लिए कोई अतिरिक्त कोशिश नहीं की थी। नवंबर 2022 के बाद से टीम से बाहर चल रहे भुवनेश्वर ने अपनी वापसी का श्रेय आईपीएल में किए गए शानदार प्रदर्शन को दिया।
तीसरे टी20 में न्यूज़ीलैंड पर जीत के बाद वेलिंग्टन में बात करते हुए भुवनेश्वर ने कहा, “सच बताऊं तो मैंने (भारतीय टीम में) वापसी के पीछे नहीं भाग रहा था। इसमें कोई शक़ नहीं है कि यह वापसी किसी सपने के जैसा है। मैं यह नहीं कह रहा कि मैं ख़ुश नहीं हूं। मैं बहुत ख़ुश हूं। भारत के लिए खेलना, भारत का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात है।”
भुवनेश्वर ने कहा, “इसलिए वापसी करके मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है। लेकिन सच कहूं तो मैंने इसके पीछे भागने की कोशिश नहीं की। पिछले चार साल में क्रिकेट, फ़िटनेस या किसी भी दूसरी चीज़ से जुड़ी जो चुनौती मेरे सामने आई, मैंने उसका सामना किया। चाहे कोई टूर्नामेंट हो या कुछ और, मैं बस अपना काम करता रहा। मैंने कभी यह नहीं सोचा कि मुझे सिर्फ़ भारतीय टीम में वापसी के लिए क्रिकेट खेलना है। मुझे लगता है कि इसी वजह से चीज़ें काफ़ी आसान रहीं। ख़ुशक़िस्मती से मेरा प्रदर्शन भी अच्छा रहा। इसका पूरा श्रेय पिछले दो साल के आईपीएल को जाता है। उसी में किए गए प्रदर्शन की बदौलत मैं भारतीय टीम में वापसी कर पा रहा हूं।”
36 वर्षीय भुवनेश्वर रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरु की टीम का अहम हिस्सा थे, जिसने लगातार दो आईपीएल ख़िताब जीते। उन्होंने 2025 में 17 और 2026 में 28 विकेट लिए। भारत ने उनके अनुभव पर भरोसा जताया, क्योंकि न्यूज़ीलैंड दौरे के सीमित ओवरों के मुक़ाबलों में जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या उपलब्ध नहीं थे। हालांकि, शीर्ष स्तर की क्रिकेट में वापसी आसान नहीं रही है। बल्लेबाज़ों के अनुकूल परिस्थितियों में भुवनेश्वर काफ़ी महंगे साबित हुए हैं। न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ तीन मैचों में उन्होंने 139.00 के औसत और 11.58 की इकॉनमी रेट से एक विकेट लिया है।
सीरीज़ के दौरान इससे पहले जब इन आंकड़ों के बारे में उनसे पूछा गया, तो भारत के गेंदबाज़ी कोच मोर्न मॉर्कल ने कहा था, “उनकी वापसी को लेकर मेरे मन में काफ़ी सहानुभूति है। इसकी वजह यह है कि पहली बात, चार साल बाद वापसी करने पर उनसे उम्मीदें होंगी। आईपीएल में उन्होंने असाधारण प्रदर्शन किया है। उन्होंने बहुत अच्छी गेंदबाज़ी की है। दूसरी बात, उनके चयन से पहले करीब एक महीने तक क्रिकेट खेला ही नहीं गया था। हां, उन्होंने ट्रेनिंग की थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उतरना एक अलग चुनौती है, जहां ग़लती की गुंजाइश कम होती है। इसलिए कार्यक्रम को देखते हुए उन्हें ख़ुद को तैयार करने के लिए सीमित ट्रेनिंग के साथ ही मैदान पर उतरना पड़ा।”
सीरीज़ अपने नाम करने के बाद भारत अब 30 अक्तूबर को चौथे टी 20 के लिए ऑकलैंड जाएगा। इसके बाद एक नवंबर को हैमिल्टन में आख़िरी मुक़ाबले के साथ सीरीज़ समाप्त होगी।