
कानपुर 28 अक्टूबर । कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) को जवाहरपुरम आवासीय योजना में अर्बन लैंड सीलिंग से संबंधित तीन रिट याचिकाओं में इलाहाबाद उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है।प्राधिकरण के अनुसार न्यायालय ने जिला न्यायाधीश कानपुर द्वारा प्राधिकरण के खिलाफ दिये गये फैसले को निरस्त करते हुये उसके पक्ष में आदेश पारित किए हैं। इन फैसलों से योजना में स्थित 32,550 वर्ग मीटर भूमि के नियोजन का रास्ता साफ हो गया है। प्राधिकरण के अनुसार, इस भूमि का सर्किल दर के आधार पर कुल मूल्य 126 करोड़ 61 लाख 95 हजार रुपये है।
केडीए के विशेष कार्याधिकारी (विधि) सत शुक्ला के अनुसार, पहली रिट याचिका संख्या 35359/2025, कानपुर विकास प्राधिकरण बनाम राम अवतार पाल व अन्य में 6,632 वर्ग मीटर भूमि से संबंधित मामला था। ग्राम बारासिरोही स्थित इस भूमि का सर्किल दर 38,900 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से मूल्य 25 करोड़ 79 लाख 84 हजार 800 रुपये है।दूसरी रिट याचिका संख्या 3547/2025, कानपुर विकास प्राधिकरण बनाम हाकिम सिंह व अन्य में 16,676 वर्ग मीटर भूमि से संबंधित विवाद था। इस भूमि का सर्किल दर के आधार पर मूल्य 64 करोड़ 86 लाख 96 हजार 400 रुपये है। तीसरी रिट याचिका संख्या 6679/2026, कानपुर विकास प्राधिकरण बनाम मदन मोहन सिंह व अन्य में 9,242 वर्ग मीटर भूमि का मामला था। इसका सर्किल दर के आधार पर मूल्य 35 करोड़ 95 लाख 13 हजार 800 रुपये है।
तीनों मामलों में जिला न्यायाधीश, कानपुर के फैसलों को उच्च न्यायालय ने निरस्त कर दिया है। केडीए के अनुसार, इन आदेशों के बाद जवाहरपुरम आवासीय योजना की संबंधित भूमि के नियोजन में अब कोई विधिक बाधा नहीं है और प्राधिकरण की आवासीय योजनाओं को सुगमतापूर्वक क्रियान्वित किया जा सकेगा।